Shani Sade Sati Impact: ज्योतिष में शनि को महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है और वह न्याय, कर्म-संघर्ष के कारक है। उनका शुभ प्रभाव व्यक्ति को तरक्की, अच्छा नाम, धन और कामयाबी प्रदान करता है। लेकिन साढ़ेसाती बेहद कष्टकारी होती हैं। इसके चलते जातकों को सेहत, तनाव, कर्ज और रिश्तों में कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। मान्यता है कि, शनि की साढ़ेसाती के 3 चरण होते हैं, जिनमें दूसरा अधिक परेशानियों से भरा होता है। इसलिए 2026 इस एक राशि के लिए मुश्किलों से भरा माना जा रहा है। दरअसल, 2026 में इस राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण होगा और इसके प्रभाव से जातक को कार्य पूरा करने में सामान्य से अधिक परिश्रम, लाभ के लिए अत्यधिक धैर्य और दुख-तकलीफों का सामना करना पड़ सकता है। आइए इसके बारे में जानते हैं।
Shani Sade Sati Impact: इस राशि के लिए कष्टकारी हो सकता है नया साल, बनी रहेगी साढे़साती की छाया
Shani Sade Sati Impact: मान्यता है कि, शनि की साढ़ेसाती के 3 चरण होते हैं, जिनमें दूसरा अधिक परेशानियों से भरा होता है। इसके चलते जातक को कार्यों को पूरा करने में सामान्य से अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
नौकरी-कारोबार में आएंगी दिक्कतें
ज्योतिषियों के मुताबिक, नववर्ष में मीन राशि वालों पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण रहेगा। इसी वजह से मीन राशि वालों को करियर में समस्याएं झेलनी पड़ सकती हैं। आपको किसी भी काम को पूरा करने में सामान्य से अधिक मेहनत करनी होगी। इस दौरान मार्केट में धन अटक सकता है।
व्यापारियों को धन के लेनदेन में सावधानी बरतनी होगी तथा कागज संबंधी कार्य अनुभवी लोगों की सहायता से ही पूरे करें। माना जा रहा है कि, यह समय टारगेट ओरिएंटेड काम करने वालों के लिए थोड़ा कठिन रहने वाला है। आप किसी विवाद में भी उलझ सकते हैं। इसलिए कार्यक्षेत्र में आपको अपने कामों को लेकर किसी दूसरे पर डिपेंड नहीं रहना है।
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सफलता के लिए उपाय
मीन राशि वालों को शनिदेव की पूजा करनी चाहिए। आप प्रत्येक शनिवार को काली चीजों का दान करें। मान्यता है कि, इससे शनि महाराज प्रसन्न होते हैं। आप शनि देव को सरसों का तेल भी चढ़ा सकते हैं। हालांकि, काले तिल अर्पित करने से नकारात्मकता कम हो सकती हैं।
शनिदेव को प्रसन्न करने वाले सरल मंत्र
"ॐ शं शनैश्चराय नमः"
"ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः"
"ॐ शन्नो देविर्भिष्ठयः आपो भवन्तु पीतये। सय्योंरभीस्रवन्तुनः।।
शनि का पौराणिक मंत्र
ऊँ ह्रिं नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम। छाया मार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।।
सामान्य मंत्र
ॐ शं शनैश्चराय नमः।
शनि का वैदिक मंत्र
ऊँ शन्नोदेवीर- भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः।
Shani Sati 2026: साल 2026 में इन राशियों के ऊपर रहेगी शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या, आएंगी कई परेशानियां
साल 2026 में इन राशियों की बढ़ सकती हैं परेशानियां, शनि समेत इन ग्रहों की रहेगी घातक द्दष्टि