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Mauni Amavasya 2025: मौनी अमावस्या के दिन करें तिल से जुड़े ये उपाय, मिलेगा पितरों का आशीर्वाद
Mon, 27 Jan 2025 01:05 PM IST
ज्योति मेहरा
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Mon, 27 Jan 2025 01:05 PM IST
सार
मौनी अमावस्या पर तिल से जुड़े उपाय को भी बहुत ही फलदायी बताया गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन उपायों से न केवल जीवन में शुभ फल प्राप्त होते हैं, बल्कि मृत्यु के बाद बैकुंठ लोक में स्थान मिलने की मान्यता भी है। ऐसे में आइए जानते हैं मौनी अमावस्या पर किए जाने वाले तिल के उपाय।
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तिल के उपाय और उनका महत्व
- फोटो : Amar Ujala
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Mauni Amavasya 2025: माघ का महीना हिंदू कैलेंडर में विशेष महत्व रखता है। इस महीने में पड़ने वाले व्रत और त्योहार धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इनमें मौनी अमावस्या का विशेष स्थान है। सनातन धर्म के ग्रंथों के अनुसार, मौनी अमावस्या के पवित्र अवसर पर किसी पवित्र नदी में स्नान करना और दान करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से व्यक्ति को अपने पापों से मुक्ति मिलती है और पितृ देवता प्रसन्न होते हैं।
तिल का दान
- फोटो : Freepik.com
तिल के उपाय और उनका महत्व
तिल का दान
मौनी अमावस्या के दिन भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा करें और इसके बाद श्रद्धापूर्वक काले तिल का दान करें। माना जाता है कि तिल का दान करने से मृत्यु के बाद बैकुंठ में स्थान मिलता है और जीवन में सुख-शांति आती है।
तिल का दान
मौनी अमावस्या के दिन भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा करें और इसके बाद श्रद्धापूर्वक काले तिल का दान करें। माना जाता है कि तिल का दान करने से मृत्यु के बाद बैकुंठ में स्थान मिलता है और जीवन में सुख-शांति आती है।
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पितरों को प्रसन्न करने के लिए उपाय
- फोटो : amar ujala
पितरों को प्रसन्न करने के लिए उपाय
पितरों की शांति के लिए इस दिन पवित्र नदी में स्नान करना आवश्यक माना जाता है। स्नान के बाद एक लोटे में जल और काले तिल डालकर भगवान शिव का अभिषेक करें। साथ ही, अपने जीवन में सुख-शांति की कामना करें। यह उपाय करने से शिव जी की कृपा प्राप्त होती है और पितृ दोष दूर होता है।
पितरों की शांति के लिए इस दिन पवित्र नदी में स्नान करना आवश्यक माना जाता है। स्नान के बाद एक लोटे में जल और काले तिल डालकर भगवान शिव का अभिषेक करें। साथ ही, अपने जीवन में सुख-शांति की कामना करें। यह उपाय करने से शिव जी की कृपा प्राप्त होती है और पितृ दोष दूर होता है।
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शनि दोष से मुक्ति के लिए उपाय
- फोटो : अमर उजाला
शनि दोष से मुक्ति के लिए उपाय
जिन लोगों की कुंडली में शनि दोष होता है, उन्हें मौनी अमावस्या पर काले तिल का दान अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से कुंडली में शनि के अशुभ प्रभाव कम हो जाते हैं और जीवन में सकारात्मकता आती है।
जिन लोगों की कुंडली में शनि दोष होता है, उन्हें मौनी अमावस्या पर काले तिल का दान अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से कुंडली में शनि के अशुभ प्रभाव कम हो जाते हैं और जीवन में सकारात्मकता आती है।
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मौनी अमावस्या तिथि
- फोटो : freepik
मौनी अमावस्या तिथि
माघ अमावस्या तिथि आरंभ: 28 जनवरी, सायंकाल 07:35 मिनट से
माघ अमावस्या तिथि समाप्त: 29 जनवरी, सायंकाल 06: 05 मिनट पर
उदयातिथि के अनुसार 29 जनवरी को माघी या मौनी अमावस्या मानी जाएगी।
मौनी अमावस्या पर इन धार्मिक उपायों का पालन करके व्यक्ति अपने जीवन को सुखमय बना सकता है और आत्मिक शांति प्राप्त कर सकता है। यह पर्व न केवल धार्मिक कर्मों का प्रतीक है, बल्कि आत्मसंयम और साधना का भी प्रतीक है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
माघ अमावस्या तिथि आरंभ: 28 जनवरी, सायंकाल 07:35 मिनट से
माघ अमावस्या तिथि समाप्त: 29 जनवरी, सायंकाल 06: 05 मिनट पर
उदयातिथि के अनुसार 29 जनवरी को माघी या मौनी अमावस्या मानी जाएगी।
मौनी अमावस्या पर इन धार्मिक उपायों का पालन करके व्यक्ति अपने जीवन को सुखमय बना सकता है और आत्मिक शांति प्राप्त कर सकता है। यह पर्व न केवल धार्मिक कर्मों का प्रतीक है, बल्कि आत्मसंयम और साधना का भी प्रतीक है।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।