महान पराक्रमी ग्रह पृथ्वीपुत्र मंगल 10 नवंबर को दोपहर बाद 2 बजकर 21 मिनट पर कन्या राशि की यात्रा समाप्त करके तुला राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जहां ये 25 दिसंबर तक विराजमान रहेंगे। तुला राशि में पहले से ही वक्री बुध सूर्य के साथ विराजमान हैं। इस प्रकार से कुछ दिनों के लिए तुला राशि में तीन ग्रहों का संयोग बना हुआ है, इस राशि के लिए मंगल का फल मिलाजुला रहता है। लग्न कुंडली के अनुसार मंगल तुला लग्न के लिए मारकेश होते है।
फलित ज्योतिष में मारकेश का तात्पर्य होता है मरणतुल्य कष्ट देने वाला। पं जयगोविंद शास्त्री के अनुसार 16 नवंबर की रात्रि सूर्यदेव के वृश्चिक राशि में प्रवेश के साथ ही ये त्रिग्रही योग भी भंग हो जाएगा लेकिन मंगल और बुध की युति 5 दिसंबर तक बनी रहेगी। जब मंगल और सूर्य एक साथ मिलते हैं तो अंगारक योग बनता है जिसके फलस्वरूप समाज में अराजकता बढ़ने का खतरा रहता है, प्राकृतिक आपदाओं में भी बढ़ोतरी होती है। अग्निकांड की अधिकता रहती है इसलिए वक्री बुध का मंगल और सूर्य के साथ तुला राशि में आना देश एवं समाज के लिए सावधानी एवं संयम बरतने के संकेत दे रहा है। मंगल का तुला राशि में प्रवेश एवं सूर्य और बुध के साथ उनकी युति का सभी 12 राशियों पर प्रभाव कैसा रहेगा, इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
मेष राशि- सप्तम भाव में यह युति व्यापार की दृष्टि से थोड़ा उथल-पुथल लाएगी यदि आप स्टॉक मार्केट में निवेश करते हैं तो बाजार का रुख देखकर अति सावधानीपूर्वक निवेश करें। विवाह संबंधी वार्ता थोड़ा आगे बढ़ सकती है। मकान वाहन के क्रय का संयोग बन रहा है लाभ उठाएं।
वृषभ राशि- आपके शत्रुभाव में इन ग्रहों का पहुंचना कोर्ट-कचहरी के मामलों से मुक्ति दिला सकता है, बेहतर रहेगा कि मामले बाहर निपटाने का प्रयास करें। ननिहाल पक्ष से कुछ अशुभ समाचार मिल सकता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें अधिक व्यय से आर्थिक तंगी रहेगी सावधान रहें।
मिथुन राशि- पंचम भाव में ये युति शिक्षा प्रतियोगिता में आशातीत सफलता दिलाएगी। संतान संबंधी चिंता तो दूर होगी ही प्राप्ति अथवा प्रादुर्भाव के भी योग बन रहे हैं। इन ग्रहों की लाभभाव पर दृष्टि नौकरी में उन्नति एवं रुका हुआ धन दिलाने में मदद करेगी।