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Guru Asta 2023: देवगुरु बृहस्पति 28 मार्च को होंगे मीन राशि में अस्त, 12 राशियों पर क्या होगा इसका प्रभाव ?
Tue, 14 Mar 2023 12:11 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 14 Mar 2023 12:11 PM IST
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Guru Asta 2023: गुरु ज्योतिष में विवाह, धार्मिक कार्य के कारक माने गए है इसलिए जब गुरु अस्त हो जाते
- फोटो : अमर उजाला
जीव कारक गुरु अपनी ही राशि मीन में 28 मार्च को अस्त हो जाएंगे। इसके बाद वो अस्त अवस्था में ही 22 अप्रैल को मेष राशि में प्रवेश कर 27 अप्रैल को उदय होंगे। गुरु ज्योतिष में विवाह, धार्मिक कार्य के कारक माने गए है इसलिए जब गुरु अस्त हो जाते है तो कोई भी मांगलिक काम नहीं होता। गुरु अस्त होकर अपना प्रभाव न्यून कर देते है इसलिए गुरु का अस्त होना 12 राशियों पर प्रभाव डालेगा। आइये जानते है कि 12 राशियों पर इसका क्या प्रभाव होगा।
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- फोटो : अमर उजाला
मेष राशि - इस राशि के जातकों के लिए गुरु नवम और द्वादश भाव के स्वामी होकर द्वादश भाव में ही अस्त होंगे। इस भाव में अस्त होने के कारण आपको पिता के सुख में कुछ कमी महसूस हो सकती है। इस समय आपको व्यर्थ की यात्राओं पर भी जाना पड़ सकता है। इस समय आपका भाग्य आपका कम साथ देगा। कार्य स्थल पर आपको अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। इस समय आपको अपने प्रयासों का उचित परिणाम प्राप्त नहीं होगा। आपको इस समय स्वास्थ्य का ध्यान भी रखना है।
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वृष राशि- इस राशि के लिए गुरु आठवें और एकादश भाव के स्वामी होते हैं और अब वो आपके एकादश भाव में ही अस्त होंगे। इस भाव में गुरु के अस्त होने से आपको अच्छे और बुरे दोनों परिणाम मिलने वाले हैं। एक तरफ आपके स्वास्थ्य में आपको सुधार दिखाई देगा वही दूसरी ओर आपको आर्थिक परेशानी का भी सामना कर पड़ सकता है। इस दौरान आपको सलाह दी जाती है कि आप अपने खर्च में थोड़ी कमी कर दें। इस समय आपको अपने मित्रों और भाइयों से उचित मदद नहीं मिलेगी।
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मिथुन राशि - इस राशि के लिए गुरु सप्तम और दशम भाव के स्वामी होकर अब दशम भाव में ही अस्त होंगे। इस भाव में गुरु के अस्त होने से आपकी उन्नति पर ग्रहण लग सकता है। इस समय आपको अपने कार्यस्थल पर और अधिक मेहनत करने की आवश्यकता होगी। इस समय आपके शत्रु आपके खिलाफ सक्रिय होकर साजिश करने की कोशिश करेंगे। इस गोचर काल में आपको यह सलाह दी जाती है कि आप किसी भी मित्र पर विश्वास न करे। गुरु के अस्त गोचर काल में आपको वैवाहिक जीवन में कुछ समस्या आ सकती है।
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कर्क राशि - इस राशि के लिए गुरु छठे और नवम भाव के स्वामी होते हैं और अब वो आपके नवम भाव में ही अस्त होंगे। इस समय आपके दुश्मन बेनकाब होंगे। अगर आप किसी नई नौकरी की कामना रखते है तो वो अब पूरी हो सकती है। इस समय आपको भाग्य को लेकर थोड़ी कठिनाई आ सकती है। आपको अपने पिता का सहयोग नहीं मिलेगा जिससे आपका मन खिन्न रहने वाला है। इस समय आपको क्रोध से बचकर रहने की सलाह दी जाती है।