देवगुरु बृहस्पति 8 अक्टूबर 2026 को शाम 7:03 बजे अश्लेषा नक्षत्र के चौथे पद में प्रवेश करेंगे। इस समय गुरु कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं, जहां उन्हें उच्च का माना जाता है। अश्लेषा का चौथा पद मीन नवांश से संबंधित है और इसके स्वामी भी बृहस्पति ही हैं। ऐसे में गुरु की स्थिति और प्रभाव दोनों मजबूत माने जा रहे हैं। यह चरण ज्ञान, शिक्षा, विवेक, धर्म और सही निर्णय क्षमता को बढ़ाने वाला माना जा सकता है। अश्लेषा नक्षत्र गहराई, रणनीति, शोध और परिस्थितियों को समझने की क्षमता से जुड़ा है। गुरु 31 अक्टूबर तक इस पद में रहेंगे। इसके बाद मघा नक्षत्र के प्रथम पद में प्रवेश करेंगे। आइए जानते हैं किन राशियों के लिए यह समय लाभकारी माना जा रहा है।
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बृहस्पति नक्षत्र गोचर 2026: अश्लेषा नक्षत्र के चौथे पद में गुरु का प्रवेश, इन 6 राशियों को होगा लाभ
Sat, 26 Sep 2026 02:37 PM IST
ज्योति मेहरा
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Sat, 26 Sep 2026 02:37 PM IST
सार
अश्लेषा नक्षत्र गहराई, रणनीति, शोध और परिस्थितियों को समझने की क्षमता से जुड़ा है। गुरु 8 से 31 अक्तूबर तक इस पद में रहेंगे। इसके बाद मघा नक्षत्र के प्रथम पद में प्रवेश करेंगे। आइए जानते हैं किन राशियों के लिए यह समय लाभकारी माना जा रहा है।
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बृहस्पति नक्षत्र परिवर्तन 2026
- फोटो : AI
मिथुन राशि
- फोटो : amarujala
मिथुन राशि
- मिथुन राशि वालों के लिए बृहस्पति दूसरे भाव में हैं, जो धन, बचत, परिवार और वाणी से संबंधित माना जाता है।
- इस दौरान आर्थिक स्थिति को व्यवस्थित करने के अवसर मिल सकते हैं।
- नौकरीपेशा लोगों को वेतन वृद्धि, नई जिम्मेदारी या अतिरिक्त आय का मौका मिल सकता है।
- कारोबार में आपकी सलाह और बातचीत प्रभावी रहेगी। परिवार से जुड़े फैसलों में भी सहयोग मिलेगा।
- गुरुवार को केले या पीली मिठाई का भोग लगाकर जरूरतमंद को भोजन कराना शुभ माना जाता है।
कर्क राशि
- फोटो : amarujala
कर्क राशि
- कर्क राशि में बृहस्पति का गोचर हो रहा है और यहां उन्हें उच्च का माना जाता है।
- अश्लेषा के चौथे पद में पहुंचने से निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास मजबूत हो सकता है।
- कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ प्रतिष्ठा भी बढ़ सकती है और निजी जीवन में भी सकारात्मकता बनी रहेगी।
- लंबे समय से अपनी पहचान बनाने के प्रयास कर रहे लोगों को नई दिशा मिल सकती है।
- गुरुवार को पीले चंदन से भगवान विष्णु का पूजन करें और पीली मिठाई का दान करें।
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कन्या राशि
- फोटो : amarujala
कन्या राशि
- कन्या राशि के लिए बृहस्पति ग्यारहवें भाव में हैं, जिसे लाभ, आय, नेटवर्क और इच्छापूर्ति का भाव माना जाता है।
- पुराने संपर्कों से फायदा मिल सकता है और नए प्रभावशाली लोगों से जुड़ने के अवसर बन सकते हैं।
- नौकरी में पदोन्नति या नई भूमिका की चर्चा आगे बढ़ सकती है। कारोबार में नेटवर्किंग लाभ देगी।
- मीडिया, शिक्षा, वित्त और डिजिटल क्षेत्र से जुड़े लोगों को अवसर मिल सकते हैं।
- गुरुवार को पीली दाल का दान करना शुभ माना जाता है।
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वृश्चिक राशि
- फोटो : amarujala
वृश्चिक राशि
- वृश्चिक राशि से बृहस्पति नौवें भाव में हैं। यह भाव भाग्य, धर्म, उच्च शिक्षा, गुरु और लंबी यात्राओं से जुड़ा है।
- इस दौरान पढ़ाई या करियर से जुड़े बड़े फैसलों में मार्गदर्शन मिल सकता है।
- उच्च शिक्षा, विदेश और दूरस्थ परियोजनाओं से जुड़े काम आगे बढ़ सकते हैं।
- किसी वरिष्ठ या गुरु की सलाह उपयोगी साबित हो सकती है।
- गुरुवार को भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें और बेसन के लड्डू का दान करें।