Guru Transit 2025: साल 2025 में होगा बृहस्पति का महाराशि परिवर्तन, जानें 12 राशियों पर कैसा रहेगा प्रभाव
Guru Transit 2025: 14 मई 2025 को गुरु मिथुन राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। बृहस्पति के इस गोचर का सभी 12 राशियों पर व्यापक रूप से प्रभाव होगा।
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति नवम और द्वादश भाव के स्वामी होते हैं और अब देवगुरु बृहस्पति का गोचर आपके तृतीय भाव से होगा। इस भाव से व्यक्ति के साहस और पराक्रम का विचार किया जाता है। साथ ही लेखन और यात्राओं का विचार भी इसी भाव से किया जाता है। मेष राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति इस भाव में विराजमान होकर सप्तम, नवम और 11वें भाव पर दृष्टिपात करने वाले हैं। मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का यह राशि परिवर्तन बहुत ही शुभ रहेगा। आपको यात्राओं से फायदा होगा। जिनका विवाह नहीं हुआ है उनका विवाह तय हो सकता है। साझेदारी में कोई नया काम शुरू हो सकता है। आपके भाग्य में वृद्धि होगी। आपको अपने व्यापार में अच्छा मुनाफा प्राप्त होगा।
वृषभ राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति अष्टम और 11वें भाव के स्वामी होते हैं और अब देवगुरु बृहस्पति का गोचर आपके द्वितीय भाव में होने जा रहा है। इस भाव से व्यक्ति की वाणी , कुटुंब ,संचित धन का विचार किया जाता है। इस भाव में विराजमान बृहस्पति की दृष्टि आपके छठे भाव, अष्टम भाव और दशम भाव पर जा रही है. बृहस्पति का यह गोचर आपको पैतृक संपत्ति से फायदा दे सकता है। आपको अपने पिता के व्यवसाय से मुनाफा प्राप्त होगा। आपके शत्रु परास्त होंगे। आपका स्थान परिवर्तन हो सकता है। आपकी ज्योतिष और तंत्र-मंत्र में रुचि बढ़ेगी। मंत्र सिद्धि का समय है। इसके अलावा कार्य क्षेत्र पर आपको अच्छी तरक्की प्राप्त हो सकती है।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति सप्तम और दशम भाव के स्वामी होते हैं और बृहस्पति का गोचर आपके लग्न में ही होने जा रहा है। इस भाव से व्यक्ति के व्यक्तित्व और सेहत का विचार किया जाता है। इस भाव में विराजमान बृहस्पति की दृष्टि आपके पंचम , सप्तम और भाग्य स्थान पर जा रही है। मिथुन राशि के जातकों के लिए गुरु का यह गोचर किसी वरदान से कम नहीं है। इस समय आपके सभी अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं। संतान पक्ष की ओर से आपको अच्छी खबर प्राप्त हो सकती है। पढ़ाई लिखाई से फायदा होगा। आपके व्यापार में आपको अच्छा मुनाफा प्राप्त होगा। पति की सेहत अच्छी हो जाएगी। आपके पति की तरक्की होगी। धार्मिक स्थलों की यात्रा होगी और आप बाहर घूमने के लिए जा सकते हैं।
कर्क राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति छठे और भाग्य स्थान के स्वामी होते है और बृहस्पति का गोचर अब आपके द्वादश भाव में होने जा रहा है। इस भाव से व्यक्ति की विदेश यात्राएं, खर्च , आध्यात्मिक उन्नति का विचार किया जाता है। इस भाव में विराजमान बृहस्पति की दृष्टि आपके चौथे भाव ,आपके छठे भाव और आपके अष्टम भाव पर जा रही है। बृहस्पति के इस भाव में गोचर के कारण आपके खर्च बढ़ सकते हैं। हालांकि आपको विदेशी यात्राओं से फायदा होगा। आपकी नौकरी में आपका प्रमोशन हो सकता है। कुछ मानसिक कष्ट का कारण यह बृहस्पति आपके लिए बन सकता है। पारिवारिक तनाव को लेकर आप परेशान हो सकते हैं। सेहत का ख्याल रखना होगा सावधानी से आपको ड्राइव करना चाहिए। पैतृक संपत्ति से फायदा होगा।