वैदिक ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति एक ऐसे ग्रह हैं जो कि बेहद शुभ माने गए हैं। इनका गोचर सभी मनुष्यों के साथ साथ इस पृथ्वी पर भी पड़ता है। देवगुरु 13 माह के बाद राशि परिवर्तन करते हैं इसलिए उनका गोचर कई मायनों में महत्वपूर्ण हो जाता है। गुरु को संतान, विवाह, धन और ज्ञान का कारक माना गया है इसलिए गुरु के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। अगर कुंडली में गुरु अच्छे और बलवान हैं तो जीवन में आनंद ही आनंद हो जाता है। देवगुरु 22 अप्रैल को मेष राशि में प्रवेश कर रहे हैं जिससे 3 राशि के जातकों की किस्मत पलट जाएगी। आइये जानते हैं कि वो 3 राशियां कौन कौन सी हैं।
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मेष राशि - इस राशि के जातकों के लिए गुरु भाग्य भाव के स्वामी होकर लग्न में ही गोचर करने वाले हैं। ऐसे में इस राशि के जातकों को देवगुरु बृहस्पति के शुभ परिणाम मिलने वाले हैं। आपका मान सम्मान बढ़ेगा, संतान पक्ष से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। नव विवाहितों को संतान प्राप्ति होगी। वैवाहिक जीवन में आ रहे क्लेश दूर हो जाएंगे, धन की चिंता नष्ट होगी, आपको नया निवेश प्राप्त होगा। धार्मिक यात्राएं होगी, पिता और गुरुओं के आशीर्वाद से जीवन में जो काम अटक रहे थे वो अब पूर्ण होंगे।
सिंह राशि - इस राशि के जातकों के लिए गुरु भाग्य भाव में गोचर करेंगे। त्रिकोण के स्वामी होकर त्रिकोण में ही गोचर करना हर दृष्टि से शुभ होगा। आपको देव गुरु की कृपा से भाग्य में वृद्धि देखने को मिलेगी। आपका कोई काम जो अटक रहा था वो अचानक से पूरा हो जाएगा। इस समय प्रेम विवाह करने की सोच रहे है तो समय शुभ है। आपको अपने कार्य स्थल पर अच्छी तरक्की प्राप्त होगी। साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी वही भाइयों से प्रेम बढ़ने वाला है। देव गुरु की कृपा से विदेशी यात्राओं से आपको अच्छा लाभ मिलने जा रहा है।
धनु राशि - इस राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर पंचम भाव से होगा। इस गोचर के प्रभाव से धनु राशि के जातकों को जीवन में मानसिक तनाव से अब मुक्ति मिलेगी। पिछले एक साल से जारी पारिवारिक तनाव से अब आपको बाहर निकलना है। इस समय अपने प्रेमी को धोखा नहीं दे और संतान पक्ष पर पूरी नज़र रखे। व्यापार में धीरे 2 अब आपको लाभ मिलता हुआ दिखाई देने लगेगा। इस गोचर के कारण आपका भाग्य आपको सहयोग करेगा और आपकी धार्मिक यात्राओं से आपको सुकून भी मिलेगा। परिवार में किसी मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन होगा।