कालसर्प योग के बुरे प्रभावों को दूर करने के लिए पूजा-पाठ, मंत्र और जप आदि कार्यो के अलावा कई ज्योतिषीय उपाय भी प्रचलन में हैं। यदि सभी ग्रह राहू या केतुके एक ओर स्थित हों तो कालसर्प योग का निर्माण होता है। राहु- केतु की भावगत स्थिति के आधार पर अनन्तादि 12 प्रकार के कालसर्प योग निर्मित होते हैं। कालसर्प योग के कारण सूर्यादि सप्तग्रहों की शुभफल देने की क्षमता समाप्त हो जाती है। इससे जातक को 42 साल की आयु तक परेशानियां झेलनी पड़ती है। लेकिन दूसरी तरफ किसी की कुंडली में कालसर्प योग होने के बाद भी जातक की उन्नति होती है। आइए जानते है किन परिस्थितियों में कालसर्प योग का असर होता है और किसमें नहीं।
जानिए कब होता है कालसर्प योग का असर, इस उम्र तक झेलनी पड़ सकती है परेशानियां
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 10 Jun 2018 10:54 AM IST
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