Chandra Grahan 2025: चंद्र ग्रहण हिंदू धर्म की अशुभ अवधि है, जिसमें शुभ-मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है। साथ ही इस समय सभी तरह की यात्राएं करना भी वर्जित होता है, क्योंकि इसके अशुभ प्रभाव से जातकों को नकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक ग्रहण प्रारंभ होने से लेकर उसके समापन तक घरों में कई नियमों का पालन करने का विधान है। हालांकि, भोजन बनाने से लेकर आसमान में देखने की सख्त मनाही होती है। खासतौर पर गर्भवतियों को श्रृंगार करना, बाहर जाना, सोना और रसोई घर के काम करने से बचना चाहिए अन्यथा होने वाले बच्चे पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। इस वर्ष 7 सितंबर 2025 को साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। बड़ी बात यह है कि इसे भारत में देखा जा सकेगा। अब चूंकि इसका प्रभाव भारत पर होने वाला है, तो इसका सूतक काल क्या होगा, आइए विस्तार से जानते हैं।
Chandra Grahan 2025: 7 सितंबर को लग रहा है चंद्र ग्रहण, जानें क्या होगा समय, प्रभाव और सूतक काल
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा कुमारी
Updated Tue, 02 Sep 2025 04:32 PM IST
सार
Chandra Grahan 2025: चंद्र ग्रहण हिंदू धर्म की अशुभ अवधि है, जिसमें शुभ-मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है। साथ ही इस समय सभी तरह की यात्राएं करना भी वर्जित होता है, क्योंकि इसके अशुभ प्रभाव से जातकों को नकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
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