Budh Gochar 2025: वाणी, व्यापार और बुद्धि के कारक ग्रह बुध बीते 03 अक्तूबर को कन्या से तुला राशि में गोचर कर चुके हैं। बुध तुला राशि में 24 अक्तूबर तक रहेंगे फिर इसके बाद मंगल की राशि वृश्चिक में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह राजकुमार का दर्जा प्राप्त है। यह सौरमंडल का सबसे छोटा और सूर्य के सबसे नजदीक का ग्रह है। बुध मिथुन और कन्या राशि के स्वामी माने जाते हैं। बुध के गोचर करने से देश-दुनिया के साथ-साथ सभी 12 राशियों के जातकों पर विशेष प्रभाव पड़ता है। आइए जानते हैं बुध के गोचर करने से किन-किन राशि वालों को सबसे ज्यादा लाभ देखने को मिलेगा।
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Budh Gochar 2025: बुध का तुला राशि में गोचर, इन चार राशि वालों के लिए आने वाला समय रहेगा शानदार
Sat, 04 Oct 2025 02:19 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 04 Oct 2025 02:19 PM IST
सार
Budh Gochar 2025: 03 अक्तूबर को कन्या से तुला राशि में गोचर कर चुके हैं। बुध तुला राशि में 24 अक्तूबर तक रहेंगे फिर इसके बाद मंगल की राशि वृश्चिक में प्रवेश करेंगे। इससे कुछ राशि वालों को अच्छा लाभ मिल सकता है।
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Budh Gochar 2025
- फोटो : अमर उजाला
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वृषभ राशि
- फोटो : amar ujala
वृषभ राशि
वाणी, व्यापार और बुद्धि के कारक बुध ग्रह वृषभ राशि वालों की कुंडली में दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी होते हैं और अब तुला राशि में गोचर करने यह आपके छठे भाव में होंगे। इसके गोचर करने से आपकी कार्यकुशला में बढ़ोतरी होगी। इस दौरान किसी भी उलझे कामों में आपकी बुद्धि और तर्क-वितर्क के चलते इसका निपटारा होगा। इस दौरान जिन लोगों को सेहत से संबंधी किसी तरह की परेशानियां चल रही थी उसमें उनको राहत मिलेगी। कर्जों से मुक्ति भी मिलेगी।
वाणी, व्यापार और बुद्धि के कारक बुध ग्रह वृषभ राशि वालों की कुंडली में दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी होते हैं और अब तुला राशि में गोचर करने यह आपके छठे भाव में होंगे। इसके गोचर करने से आपकी कार्यकुशला में बढ़ोतरी होगी। इस दौरान किसी भी उलझे कामों में आपकी बुद्धि और तर्क-वितर्क के चलते इसका निपटारा होगा। इस दौरान जिन लोगों को सेहत से संबंधी किसी तरह की परेशानियां चल रही थी उसमें उनको राहत मिलेगी। कर्जों से मुक्ति भी मिलेगी।
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मिथुन राशि
- फोटो : amar ujala
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए ग्रहों के राजकुमार बुध ग्रह आपकी राशि स्वामी होने के साथ-साथ चौथे भाव के भी स्वामी होते हैं और 03 अक्तूबर को तुला राशि में गोचर करते हुए बुध संतान और शिक्षा के भाव यानी पंचम भाव में गोचर करेंगे। कुंडली का पंचम भाव त्रिकोण का होता है जिसे बहुत ही शुभ माना जाता है। यह भाव शिक्षा से जुड़ा होता हैं ऐसे में आपको इस दौरान शिक्षा से जुड़े मामलों में आपको शुभ समाचार सुनने को मिल सकता है।
मिथुन राशि के जातकों के लिए ग्रहों के राजकुमार बुध ग्रह आपकी राशि स्वामी होने के साथ-साथ चौथे भाव के भी स्वामी होते हैं और 03 अक्तूबर को तुला राशि में गोचर करते हुए बुध संतान और शिक्षा के भाव यानी पंचम भाव में गोचर करेंगे। कुंडली का पंचम भाव त्रिकोण का होता है जिसे बहुत ही शुभ माना जाता है। यह भाव शिक्षा से जुड़ा होता हैं ऐसे में आपको इस दौरान शिक्षा से जुड़े मामलों में आपको शुभ समाचार सुनने को मिल सकता है।
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सिंह राशि
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सिंह राशि
बुध ग्रह आपकी कुंडली के ग्याहरवें यानी लाभ भाव के स्वामी होने के साथ-साथ दूसरे भाव यानी धन भाव के भी स्वामी होते हैं। यहां बुध ग्रह आपके तीसरे भाव में गोचर हुए हुए हैं। ऐसे में आपक किसी काम को पूरा करने में जी जान लगा देंगे। आप किसी दूसरे को आसानी के साथ अपनी बातों से प्रभावित कर पाएंगे। दोस्तों और भाई-बहनों संग संबंध मजबूत होंगे। व्यापार से आपको लाभ मिलेगा।
बुध ग्रह आपकी कुंडली के ग्याहरवें यानी लाभ भाव के स्वामी होने के साथ-साथ दूसरे भाव यानी धन भाव के भी स्वामी होते हैं। यहां बुध ग्रह आपके तीसरे भाव में गोचर हुए हुए हैं। ऐसे में आपक किसी काम को पूरा करने में जी जान लगा देंगे। आप किसी दूसरे को आसानी के साथ अपनी बातों से प्रभावित कर पाएंगे। दोस्तों और भाई-बहनों संग संबंध मजबूत होंगे। व्यापार से आपको लाभ मिलेगा।
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मकर राशि
- फोटो : amar ujala
मकर राशि
बुधदेव आपकी कुंडली के छठे और नवम भाव के स्वामी होते हैं। छठा भाव रोग और शत्रु का भाव होता है वहीं नवम भाव भाग्य का होता है। बुध के तुला राशि में गोचर करने से आपके कर्म स्थान अर्थात दशम भाव में रहने वाले हैं। दशम भाव में बुध ग्रह के गोचर प्रभाव हमेशा ही अच्छा माना जाता है। इससे आपके करियर के लिए आने वाला समय अच्छा होगा। कार्यस्थल पर आपकी बुद्धिमत्ता और कार्यकुशलता की तारीफ होगी। इस दौरान किसी तरह की कोई नई जिम्मेदारी आपको मिल सकती है। धन लाभ के अवसरों में वृद्धि होगी।
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बुधदेव आपकी कुंडली के छठे और नवम भाव के स्वामी होते हैं। छठा भाव रोग और शत्रु का भाव होता है वहीं नवम भाव भाग्य का होता है। बुध के तुला राशि में गोचर करने से आपके कर्म स्थान अर्थात दशम भाव में रहने वाले हैं। दशम भाव में बुध ग्रह के गोचर प्रभाव हमेशा ही अच्छा माना जाता है। इससे आपके करियर के लिए आने वाला समय अच्छा होगा। कार्यस्थल पर आपकी बुद्धिमत्ता और कार्यकुशलता की तारीफ होगी। इस दौरान किसी तरह की कोई नई जिम्मेदारी आपको मिल सकती है। धन लाभ के अवसरों में वृद्धि होगी।
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