Planet Transit in September 2021 Dates and Effects: ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक ग्रह निरंतर अपनी राशि में परिवर्तन करते हैं। एक विशेष अवधि और चाल के अनुसार ये ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में जाते हैं। इन ग्रहों की हलचल से ही सभी राशियां प्रभावित होती हैं। इसी कड़ी में सितंबर माह में 5 ग्रह अपनी राशि बदलेंगे। इन ग्रहों में बुध, गुरु सूर्य, मंगल और शुक्र ग्रह शामिल हैं। 6 सितंबर को दो ग्रह अपनी राशियां बदलेंगे। इनमें शुक्र और मंगल ग्रह शामिल हैं। जहां शुक्र अपनी स्वराशि तुला में प्रवेश करेगा, तो वहीं मंगल कन्या राशि में गोचर करेगा। इसके बाद 14 सितंबर को गुरु का गोचर होगा, जो कि एक महत्वपूर्ण ग्रह परिवर्तन है। देवगुरु बृहस्पति इस दिन मकर राशि में आएंगे। फिर 17 सितंबर को सूर्य देव कन्या राशि में प्रवेश करेंगे और अंत में बुध देव 22 सितंबर को तुला राशि में आएंगे, जहां ये शुक्र ग्रह के साथ युति करेंगे। इन ग्रहों का परिवर्तन निश्चित ही सभी राशियों पर शुभ-अशुभ प्रभाव डालेगा। आइए जानते हैं विस्तार से-
ग्रहों की चाल: सितंबर महीने में गुरु समेत इन ग्रहों की बदलेगी चाल, जानें किसी राशि पर होगा असर
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शुक्र देव 6 सितंबर कन्या राशि से निकलकर स्वराशि तुला में प्रवेश करेंगे। शुक्र इस राशि में 2 अक्तूबर 2021 तक रहेंगे। इसके बाद ये वृश्चिक राशि में चले जाएंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुक्र देव को इस संसार के समस्त भौतिक सुखों का कारक माना जाता है। ये वृष और तुला राशि का स्वामी हैं। शुक्र देव कन्या राशि में नीच के तो मीन राशि राशि में उच्च के माने जाते हैं। कोई भी ग्रह अपनी राशि में मजबूत स्थिति में होता है।
मंगल देव 6 सितंबर को सिंह राशि से कन्या राशि में प्रवेश करेंगे और इस राशि में 22 अक्तूबर तक स्थित रहेंगे। इस राशि में मंगल देव के आने से जहां कुछ राशियों को फायदा होगा तो वहीं कुछ राशियों को परेशानी का भी सामना करना पड़ सकता है। ज्योतिष विज्ञान में मंगल ग्रह को क्रोध, युद्ध, पराक्रम, साहस, सैन्य शक्ति, भूमि, रक्त आदि का कारक माना जाता है। इन्हें मेष और वृश्चिक राशि का स्वामित्व प्राप्त है।
देव गुरु बृहस्पति का सितंबर माह में राशि परिवर्तन होने जा रहा है। देव गुरु बृहस्पति 14 सितंबर को अपनी स्वराशि धनु से शनि देव की राशि मकर में गोचर करेंगे और इस राशि में ये 21 नवंबर 2021 तक स्थित रहेंगे। गुरु के मकर राशि में आने से सभी राशियों पर इस परिवर्तन का शुभ-अशुभ प्रभाव पड़ेगा। ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति ग्रह को ज्ञान, भाग्य, विवाह, वृद्धि, गुरु, संतान आदि का कारक माना जाता है। इस विशाल ग्रह को धनु और मीन राशि का स्वामित्व प्राप्त है।
सूर्य देव सितंबर माह में अपनी स्वराशि सिंह से कन्या राशि में प्रवेश करेंगे और इस राशि में 17 अक्तूबर 2021 तक रहेंगे और फिर कन्या राशि में चले जाएंगे। सूर्य ग्रह को सिंह राशि का स्वामी माना जाता है। मेष राशि में ये उच्च भाव में होते हैं, तो वहीं तुला राशि में ये नीच के माने जाते हैं। उच्च भाव में ग्रह अधिक मजबूत और बलशाली होते हैं। जबकि नीच राशि में ये कमजोर हो जाते हैं।