ज्योतिष में नौ ग्रहों के बारे में बताया गया है। इन ग्रहों की प्रतिकूल और अनुकूल स्थिति व्यक्ति के जीवन पर गहराई से प्रभाव डालती है। इन नौ ग्रहों से संबंधित रत्नों का बारे में बताया गया है। ग्रहों की अनुकूल करने और जीवन की समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए रत्नों को धारण किया जाता है। इन्हीं रत्नों में से मोती एक ऐसा रत्न हैं, जिसे ज्यादातर लोग धारण करते है। मोती रत्न सफेद चमकदार गोल रंग का होता है। यह समुद्र में मिलने वाली सीपियों से प्राप्त होता है। मोती रत्न चंद्रमा से संबंधित है। चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। जब किसी की कुंडली में चंद्रमा की स्थिति ठीक नहीं रहती है तो उसे मानसिक समस्याओं के साथ आर्थिक समस्याएं भी होने लगती हैं। मोती धारण करने से आपको मानसिक शांति प्राप्त होने के साथ ही कई समस्याओं के मुक्ति प्राप्त होती है। तो चलिए जानते हैं कि किन लोगों को किस तरह से धारण करना चाहिए मोती और इसे धारण करने के क्या फायदे हैं।
Pearl Gemstone: मन को शांत करता है मोती, इसे पहनने के और भी हैं कई फायदे
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मोती रत्न पहनने के लाभ
- मोती धारण करने से मन शांत और मस्तिष्क स्थिर होता है।
- यदि किसी को मानसिक तनाव हो तो मोती धारण करना उत्तम रहता है।
- मोती धारण करने से आर्थिक और पारिवारिक समस्याओं से राहत मिलती है।
- यह हार्मोन को संतुलित करके नींद न आने की समस्या में भी फायदा पहुंचाता है।
मोती किसे धारण करना चाहिए और किसे नहीं
- कर्क राशि वालों के लिए मोती धारण करना बहुत शुभफलदायी रहता है।
- वृष, कन्या, मकर और कुंभ लग्न वालों के लिए मोती धारण करना सही नहीं रहता है।
- जिन लोगों की कुंडली का स्वामी शुक्र,शनि या फिर बुध ग्रह हो उन्हें भी मोती धारण नहीं करना चाहिए।
- जिन लोगों को बहुत क्रोध आता है या फिर बहुत ज्यादा भावुक है, उन्हें किसी ज्योतिष से उचित सलाह के बाद ही मोती धारण करना चाहिए।
इस तरह धारण करें मोती
सबसे पहले रत्न को गंगाजल में धोकर पवित्र कर लें, इसके बाद उसे भगवान शिव को अर्पित करें, तत्पश्चात धारण करें। मोती को चांदी की अंगूठी में जड़वाकर धारण करना चाहिए, क्योंकि यह चंद्रमा की धातु मानी गई है। मोती धारण करने के लिए शुक्ल पक्ष के सोमवार को रात्रि का समय सही रहता है। इसके साथ ही मोती धारण करने के लिए पूर्णिमा का दिन शुभ माना जाता है। मोती को कनिष्ठा यानी सबसे छोटी उंगली में धारण करना चाहिए।