{"_id":"5b8792c742c79246480314ff","slug":"krishna-janmashtami-2018-why-lord-krishna-love-number-8-numerology-predictions","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2018: जानें कृष्ण के जन्म से मृत्यु तक जुड़े 8 अंक का राज","category":{"title":"Numerology","title_hn":"अंक ज्योतिष","slug":"numerology"}}
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2018: जानें कृष्ण के जन्म से मृत्यु तक जुड़े 8 अंक का राज
Thu, 30 Aug 2018 12:19 PM IST
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 30 Aug 2018 12:19 PM IST
विज्ञापन
1 of 8
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
2-3 सितंबर 2018 को देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को बड़ी धूमधाम से मनाने की तैयारियां जोरों से चली आ रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को आधी रात को हुआ। भगवान कृष्ण के जीवन में 8 अंकों का विशेष महत्व रहा है।
भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद महीने की कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि को महानिशीथ काल में वृष लग्न में हुआ था। उस समय चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में था। भगवान श्रीकृष्ण की जन्म कुंडली में राहु को छोड़कर बाकी ग्रह अपनी स्वयं की राशि और उच्च राशि में स्थित थे।
2 of 8
कृष्ण जन्म के दौरान 8 अंक का जो संयोग बना उसमें कई रहस्य छुपे हैं। श्री कृष्ण का जन्म रात्रि के सात मुहूर्त निकलने के बाद आठवें मुहूर्त में हुआ। तब रोहिणी नक्षत्र तथा अष्टमी तिथि थी जिसके संयोग से जयंती नामक योग बन रहा था।
8 मूलांक की विशेषता
जिन व्यक्तियों का जन्म किसी भी माह की 8,17 या 26 तारीख को होता हैं, वे इस मूलांक के अंतर्गत आते हैं। मूलांक 8 का स्वामी ग्रह शनि हैं। ज्योतिषशास्त्र में शनि को पाप ग्रह कहा गया है लेकिन, भाग्य को सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला ग्रह भी यही है। शनि की स्थित अनुकूल हो तो व्यक्ति को भाग्य का सहयोग हमेशा मिलता रहता है। इस मूलांक वाले लोग सफलता अर्जित करते हैं। इस मूलांक के व्यक्ति प्रायः अन्तर्मुखी प्रवृति के होते है, ये लोग प्रचार-प्रसार से दूर एकनिष्ठ होकर अपने कामो में लगे रहते हैं ये लोग दुनिया के लिए महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। इस अंक वाले व्यक्ति या तो अत्यंत सफल होते है या अत्यंत असफल।
3 of 8
भगवान कृष्ण के रूप में विष्णु जी ने इस धरती पर 8वें अवतार लिया था इसलिए 8 का अंक भगवान कृष्ण के लिए विशेष महत्व रखता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 8
कंस का वध करने के लिए भविष्यवाणी हुई थी कि उसका नाश देवकी और वासुदेव की आठवीं संतान करेगी। भगवान कृष्ण अपने मामा कंस का सर्वनाश किया था।
विज्ञापन
5 of 8
भगवान श्री कृष्ण की 8 पत्नियां थी, जिन्हें अष्यभार्या का नाम दिया गया था। इसके अलावा भगवान श्रीकृष्ण ने 16,100 रानियों से विवाह किया था और इन 16100 रानियों का योग 8 आता है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।