{"_id":"3af4468286d54fe49522186947d6ddf1","slug":"2016-is-good-for-women-astrology-prediction","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"महिलाओं को मिला शिंगणापुर में पूजा का अधिकार, ये है कारण ","category":{"title":"Predictions","title_hn":"भविष्यवाणी","slug":"predictions"}}
महिलाओं को मिला शिंगणापुर में पूजा का अधिकार, ये है कारण
Fri, 08 Apr 2016 02:03 PM IST
राकेश झा/अमर उजाला, नई दिल्ली
राकेश झा/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 08 Apr 2016 02:03 PM IST
विज्ञापन
1 of 6
शनि शिंगणापुर
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
शनि शिंगणापुर में वर्षों की परंपरा टूटी है और अब महिलाओं को भी शनि महाराज की पूजा का अधिकार प्राप्त हो गया है। महिलाएं अब शनि महाराज का तैलाभिषेक कर शनि महाराज की कृपा पा सकेंगी। और यह फैसला तब आया है जब संवत् बदला है और संवत् की सत्ता शुक्र के हाथों में आई। शुक्र को स्त्री कारक ग्रह माना गया। शुक्र के संवत् का राजा होने के कारण महिलाओं के पक्ष में यह बड़ा फैसला आया है। नव संवत् और शुक्र के राजा बनने से और क्या क्या होगा यह भी जान लीजिए।
महिलाओं को मिला शिंगणापुर में पूजा का अधिकार, ये है कारण
2 of 6
आपको याद होगा कि 26 जनवरी को 400 साल पुरानी प्रथा को चुनौती देते हुए महिलाओं ने शनि धाम शिंगणापुर में शनि महाराज का तैलाभिषेक किया। इसके बाद से एक नए विवाद ने जन्म लिया कि आखिर लिंग के आधार पर महिलाओं को मंदिर और दरगाहों में प्रवेश से रोका क्यों जाए।
महिलाओं को मिला शिंगणापुर में पूजा का अधिकार, ये है कारण
3 of 6
मामला अदालत के पास पहुंचा और अब मंदिरों और दरगाहों पर पुरुषों के समान महिलाओं को प्रवेश और पूजा का अधिकार को लेकर फैसले का इंतजार हो रहा है। अब जब नवग्रहों में न्यायाधीश शनि को लेकर मामला छिड़ चुका है तो इसका फैसला भी ग्रह ही करेंगे और यह सब क्यों हो रहा है यह भी आपको ग्रह ही बताएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
महिलाओं को मिला शिंगणापुर में पूजा का अधिकार, ये है कारण
4 of 6
ज्योतिषीय गणना के अनुसार नया संवत् 2073 जो 8 अप्रैल से शुरू हुअा है उसका राजा शुक्र है और इनका मंत्री बुध। शुक्र का संबंध स्त्री से माना गया है और जब शुक्र राजा होता है तो स्त्रियों का प्रभाव बढ़ता है उस वर्ष स्त्रियों से संबंधित मामलों में कई बड़े फैसले और उपलब्धियां सामने आती हैं।
विज्ञापन
महिलाओं को मिला शिंगणापुर में पूजा का अधिकार, ये है कारण
5 of 6
इस वर्ष भी कुछ ऐसा ही होने वाला है। महिलाओं के हक में कई बड़े फैसले आ सकते हैं संवत् के पहले दिन ही शिंगणापुर ट्रस्ट की तरफ से महिलाओं को पूजा का अधिकार मिलना शुक्र का पहला असर है। हलांकि शुक्र के राजा बनने से इस साल स्त्री पुरुषों के परस्पर संबंधों में अधिक खुलापन एवं अर्मायादित व्यवहार भी सामने आएंगे। फिल्म जगत भी मर्यादाओं को ताक पर रखकर मनोरंजन परोसेगा। भोग विलास, श्रृंगार, फैशन के बाजार में तेजी रहेगी।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।