रत्न ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी प्रमुख 9 रत्नों में से एक नीलम को खास रत्न माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार एक नियमित अंतराल में सभी ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में भ्रमण करते रहते हैं। ग्रहों की चाल में परिवर्तन से इसका प्रभाव जातकों के जीवन पर समय-समय पर पड़ता रहता है। जब किसी की कुंडली में कोई ग्रह प्रतिकूल प्रभाव होता हैं तो उस व्यक्ति को तरह- तरह की परेशानियां जैसे बीमारियां, धन हानि, मानसिक अशान्ति, असफलता और पारिवारिक कलह का सामना करना पड़ने लगता है।। ज्योतिष में ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को कम करने और उसको अपने पक्ष में करने के लिए कई रत्नों को धारण करने की सलाह दी जाती है। इन्हीं रत्नों में एक रत्न होता है नीलम। आइए जानते हैं नीलम रत्न को पहनने के फायदे और नुकसान....
रत्न ज्योतिष: जानिए शनिदेव के रत्न नीलम के फायदे-नुकसान और पहनने पर शुभ-अशुभ संकेत
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ज्योतिष में नीलम रत्न का महत्व
ज्योतिशास्त्र के अनुसार नीलम रत्न का संबंध शनि से होता है। शनिदेव का प्रिय रत्न नीलम को हर कोई व्यक्ति ऐसे ही नहीं पहन सकता। ज्योतिशास्त्र के अनुसार, नीलम जब किसी व्यक्ति को सकारात्मक परिणाम देता है तो कुछ ही दिनों में उस व्यक्ति के अच्छे दिन शुरू होने लगता है। वहीं दूसरी तरफ अगर बुरा प्रभाव देने पर आए तो व्यक्ति को भिखारी भी बना देता है। इसलिए नीलम रत्न बहुत ही जांच परख कर धारण किया जाना चाहिए है। आइए जानते हैं नीलम रत्न के बारे में कुछ महत्वपूर्ण ज्योतिषी तथ्य...
2 - अगर किसी जातक के नीलम पहनने पर उसके जीवन में दुर्घटनाएं और शारीरिक कष्ट बढ़ने लगे तो समझिए यह रत्न आपके लिए शुभ नहीं है।
3 - नीलम के शुभ नहीं होने पर जो व्यक्ति इसको धारण करता है उसे फौरन ही आर्थिक नुकसान होने लगता है।
4- नीलम अगर अनुकूल नहीं है तो बुरे और डरावने सपने आने शुरू हो जाते हैं।
6 - नीलम शुभ होने पर व्यक्ति को आर्थिक लाभ मिलने के साथ नौकरी और व्यवसाय में उन्नति के संकेत भी दिखाई देने लगते हैं।