हिंदू धर्म में व्यक्ति के जीवन में सोलह संस्कार माने गए हैं जिसमें से विवाह एक महत्वपूर्ण संस्कार है। हिंदू धर्म में विवाह मात्र एक रस्म रिवाज नहीं है, इसे पाणिग्रहण संस्कार कहते हैं। जिसमें वधू अपना हाथ वर के हाथ में रखती है और वर उसके हाथ को अपने हाथों में थामता है और उसके बाद दोनों यह भावना करते हैं कि हम मित्रता के भाव सहित एक दूसरे का दायित्व स्वीकार कर रहे हैं। पूरे विवाह संस्कार में पूजा-पाठ और मंत्रोच्चारण के साथ वर-वधू सात फेरो से जीवन भर के लिए एक दूसरे का साथ निभाने का वचन देते हैं। इस जीवन भर के साथ को निभाने के लिए पति-पत्नी के बीच प्रेम और समझ होना बहुत आवश्यक होता है। लेकिन कभी-कभी तमाम प्रयासों के बाद भी कुछ लोगों का दांपत्य जीवन सुखमय नहीं रहता है। हिंदू धर्म में विवाह से पहले सबसे पहली रस्म कुंडली मिलान की होती है। जिसमें वर और वधू को गुण और दोष आदि को जांचा जाता है। लेकिन जब कुंडली में समस्या होने के बाद भी विवाह हो जाता है तब दांपत्य जीवन में परेशानियां आने लगती हैं। लेकिन इन समस्याओं का समाधान भी किया जा सकता है। कुंडली में स्थित इसी तरह की कुछ समस्याएं हैं, जिसके कारण पति-पत्नी के बीच परेशानियां आने लगती है जानते हैं कि कौन सी हैं वे समस्या और उनके उपाय...
कुंडली में इन गुणों के न मिलने के कारण पति-पत्नी के बीच बनी रहती हैं समस्याएं, जानिए उपाय
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इसी तरह से जिन लोगों की कुंडली में मांगलिक होने का दोष हो यानि दोनों में से अगर किसी एक की कुंडली में मांगलिक हो और दूसरे की न हो, तो उन्हें भी बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इससे किसी एक के स्वास्थय पर बुरा असर पड़ता है झगड़े यहां तक की वाद-विवाद में कोर्ट कचहरी की नौबत भी आ जाती है।
ऐसे में पति-पत्नी को माता पार्वती और भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए। शिवलिंग पर रुद्र के मंत्रो से अभिषेक करना चाहिए। दोनों में से जिसकी भी कुंडली मांगलिक हैं उसे किसी की उचित सलाह से ओपल धारण करना चाहिए।
कुंडली गणना करते समय हर एक तथ्य की गणना करना आवश्यक होता है, लेकिन किसी कारण वश त्रुटि भी हो जाती है। इन्हीं में से एक है दोनों को ग्रह मैत्री न होना।जिन लोगों की कुंडली में ये समस्या होती है। उन पति-पत्नी के मध्य अक्सर झगड़े होते रहते हैं। ऐसे लोगों के विचार आपस में टकराते हैं जिसके कारण दोनों एक दूसरे की बात को नहीं मानते हैं।
अगर किसी की कुंडली में ये समस्या हो तो किसी योग्य ज्योतिष की सलाह से अपने नाम को मैत्री करवा लेना चाहिए और उसी नाम से पुकारना चाहिए। इससे धीरे-धीरे करके समस्या कम होने लगती है।
गुरु चांडाल योग- ये एक ऐसा योग है जिसके कारण पति-पत्नी को बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जिन लोगों की कुंडली में ये योग बनता है उनके विवाह विच्छेद होने की आशंका भी रहती है। दोनों में से किसी एक के प्राणों पर संकट भी हो सकता है। इस दोष के कारण कभी-कभी चरित्र पर लांछन का सामना भी करना पड़ जाता है।
जिन लोगों की कुंडली में ये समस्या हो उन्हें शिव जी की पूजा आराधना नियमित रुप से करनी चाहिए और सप्ताह में एक बार भगवतगीता का पाठ भी करना चाहिए।