ज्योतिष के अनुसार हर रत्न किसी न किसी ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है। जिनमें से नौ रत्नों को महत्वपूर्ण माना जाता है। जिन्हें नवरत्न कहते हैं। रत्न धारण करके आप उस रत्न से संबंधित ग्रह से लाभ प्राप्त कर सकते हैं और परेशानियों से छुटकारा पा सकते हैं। इन्हीं नवरत्नों में से एक है पन्ना यह रत्न बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है। लेकिन पन्ना बहुत ही ध्यान से लेना चाहिए क्योंकि दोषमुक्त पन्ना मिलना कठिन होता है। यह देखने में षठकणीय होता है। इसमें जाल जैसा होता है। पन्ना कभी भी बिना जाल के नहीं होता है। जानते हैं यह रत्न धारण करना किन लोगों के लिए रहता है सही, क्या हैं इसके लाभ और पहनने के नियम...
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पन्ना रतन धारण करने के लाभ (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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पन्ना धारण करने के लाभ
पन्ना धारण करने से मन की चिंताओं से मुक्ति मिलती है। इसे पहनने से बुद्धि की एकाग्रता बढ़ती है। यह बुध ग्रह का रत्न है, इसलिए इसको धारण करने से वाकपटुता अच्छी होती है। इसे पहनने से व्यापार में लाभ मिलता है यह आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी सहायता करता है। इसे धारण करने से त्वचा रोगों में भी लाभ मिलता है, यह व्यक्तित्व को निखारता है। लेकिन जब रत्न आपके अनुकूल न हो तो कुछ नुकसान भी होते हैं। पन्ना अगर आपके अनुकूल नहीं होगा तो उससे आपको आर्थिक और मानसिक परेशानियां भी हो सकती हैं।
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किन लोगों को पन्ना धारण करना चाहिए और किसे नहीं (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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किन लोगों को पन्ना धारण करना चाहिए और किसे नहीं
वृष, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुम्भ राशि वाले पन्ना धारण कर सकते हैं। इन लग्न वालों को पन्ना लाभ पहुंचाता है। लेकिन मेष, कर्क और वृश्चिक वालों को पन्ना बिलकुल भी धारण नहीं करना चाहिए। तो वहीं सिंह,धनु और मीन वाले लोग कुछ विशेष परिस्थितियों में किसी की सलाह से पन्ना धारण कर सकते हैं।
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पन्ना धारण करने के नियम (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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पन्ना धारण करने के नियम क्या हैं
पन्ने को चांदी में या सोने की अंगूठी में जड़वाकर कनिष्ठा(सबसे छोटी उंगली) में धारण करना चाहिए। पन्ना रत्न के साथ हीरा या ओपल पहनना शुभकारी रहता है। तो वहीं पन्ना के साथ मूंगा और मोती धारण करना सही नहीं रहता है। बुधवार की सुबह को पन्ना धारण करना चाहिए। पन्ना देखने में हरा होता है, यह रत्न जितना ज्यादा हरा हो उतना ही अच्छा माना जाता है।