राशि चक्र में 12 राशियां होती हैं। इन सभी राशियों का अपना-अपना स्वभाव होता है। राशियों को उनके तत्व, स्वभाव और स्वामी ग्रह के आधार पर जाना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 5 राशि के जातकों से दुश्मनी करने से पहले दस बार सोचना चाहिए। ये जातक अपने दुश्मनों पर हमेशा भारी पड़ते हैं। इस राशि के जातक अपने दुश्मनों को मात देकर ही दम लेते हैं। आइए जानते हैं इस बारे में...
ज्योतिष: इन पांच राशि के लोगों से सोच-समझकर करें शत्रुता, इनसे दुश्मनी पड़ती है भारी
मेष मंगल ग्रह की राशि है और मंगल ग्रह क्रोध, युद्ध, साहस और पराक्रम का कारक है। इस राशि के लोगों से शत्रुता सोच समझकर करना चाहिए। क्योंकि ये अपने शत्रुओं को हराकर ही दम लेते हैं। शुत्रुओं को माफ करना इनकी फितरत नहीं है। दरअसल मेष अग्नि तत्व की राशि है। इस राशि के जातक अपने अहम से कभी भी समझौता नहीं करते हैं। ये जब किसी से दुश्मनी करते हैं तो अपने दुश्मन को शांत बैठने नहीं देते हैं। इसलिए इस राशि के जातकों से सोच-समझकर पंगा लेना चाहिए।
सिंह राशि सूर्य देव की राशि है। इस राशि के जातक सूर्य की तरह ऊर्जावान और तेजस्वी होते हैं। ये बड़े ही जिंदादिल किस्म के होते हैं। निडरता इनकी रगों में लहु बनकर दौड़ती है। इस राशि के जातक किसी के दबाव में रहकर कार्य नहीं करते हैं। जो व्यक्ति इस राशि के जातकों से दुश्मनी मोल लेता है उन्हें बाद में पछताना पड़ता है। इनका रौद्र रूप दुश्मनों को मात देने में काफी होता है। इस राशि के जातकों का चिह्न भी शेर होता है। ये अपने शत्रुओं पर शेर की तरह वार करते हैं और उसे कहीं का नहीं छोड़ते हैं।
वृश्चिक राशि के जातकों से शत्रुता करना भारी पड़ता है। इस राशि का स्वामी मंगल ग्रह है जिसे क्रोध, युद्ध और साहस का कारक माना जाता है। इस राशि के जातक अपने शत्रुओं से कहीं भी भिड़ने को तैयार रहते हैं। लड़ाई में तेज-तर्रार होना इनकी खासियत है। ये अपने शत्रुओं को मात देकर ही दम लेते हैं। ये अपने शत्रुओं को हराने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते हैं। इसलिए इस राशि के जातकों को अपना शत्रु बनाने से पहले इन सब बातों का विचार एकबार जरूर करना चाहिए।
यह शनि ग्रह की राशि है। मकर राशि के जातक शांत स्वभाव के होते हैं, लेकिन शत्रुता के मामले में ये बेहद ही खतरनाक हो जाते हैं। अपने शत्रुओं को ये माफ नहीं करते हैं। वैसे तो ये अपने जीवन में हर चीज में संतुलन बनाकर रखना चाहते हैं, हालांकि जब कोई इन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है तो ये बहुत ही उत्तेजित हो जाते हैं। ये अपने दुश्मन से बदला लेकर ही दम लेते हैं। अगर कोई बात इन्हें बुरी लगती है तो ये उसे लंबे तक नहीं भूलते हैं।