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चाणक्य नीति: इन तीन कामों का त्याग करने वाला ही होता है सफल, प्राप्त करता है समाज में सम्मान

Thu, 24 Dec 2020 10:27 AM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Thu, 24 Dec 2020 10:27 AM IST
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Chanakya motivational quotes for success and respect
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media

आचार्य चाणक्य द्वारा लिखी गई चाणक्य नीति की बाते व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्व रखती हैं। चाणक्य नीति मनुष्य को गलत मार्ग से बचकर सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती हैं। चाणक्य नीति कहती है कि कोई भी व्यक्ति अपने पद और धन से श्रेष्ठ नहीं बनता है, वह श्रेष्ठ बनता है अपने आचरण और गुणों से। इसलिए मनुष्य को सदैव अपना आचरण सात्विक रखना चाहिए। खराब आचरण व्यक्ति को जीवन में आगे नहीं बढ़ने देता है साथ ही यह अपमान का कारण भी बनता है। चाणक्य कहते हैं कि मनुष्य को बुरी आदतों से दूर रहना चाहिए। तभी आप सफलता का साथ समाज में सम्मान प्राप्त कर पाते हैं। तो चलिए जानते हैं कौन सी बुरी आदतों का त्याग करना चाहिए।

Chanakya motivational quotes for success and respect
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
किसी की निंदा न करें

चाणक्य कहते हैं कि किसी की निंदा करते समय तो व्यक्ति को आनंद मिलता है, परंतु उसका यह अवगुण उसे समाज में अपमान का पात्र बना सकता है। किसी की निंदा करने में व्यक्ति अपना बहुमूल्य समय तो नष्ट करता ही है साथ ही उसमें स्वयं अवगुण आने लगते हैं, जो सफलता में बाधक बनते हैं। इसलिए हमेशा निंदा से दूर रहना चाहिए। 

Chanakya motivational quotes for success and respect
Chanakya Success Mantra - फोटो : social media
अहंकार का त्याग करें

चाणक्य कहते हैं कि स्वयं को श्रेष्ठ समझना अच्छा परंतु जब व्यक्ति यह सोचने लगे कि वह सबसे श्रेष्ठ है तब उसमें अहंकार का अवगुण आ जाता है। अहंकार व्यक्ति के पतन का कारण बनता है इसलिए अहं का त्याग करना ही उचित रहता है। चाणक्य नीति में ही नहीं बल्कि सभी विद्वान यही शिक्षा देते हैं कि व्यक्ति के अहंकार का त्याग करना चाहिए। सफल बनने के लिए अहंकार का त्याग करना आवश्यक होता है। 

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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media

मन में न रखें लालच
लालच एक ऐसा अवगुण है जो व्यक्ति को बुरे कर्मों की ओर अग्रसर करता है। यही अवगुण आगे चलकर व्यक्ति के पतन का कारण बनते हैं। इसलिए लोभ को तुरंत त्याग देना चाहिए। अपने मन में किसी प्रकार का लोभ नहीं रखना चाहिए। जो दूसरों का धन देखकर लालच करते हैं, उन्हें शांति नहीं मिलती है, जिसके कारण वे अपने जीवन में कभी सफल नहीं हो पाते हैं। लालची व्यक्ति कि तरफ हर कोई घृणा की दष्टि से देखता है। 

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