कुंडली में ग्रहों के शुभ-अशुभ प्रभाव पड़ने से व्यक्ति के जीवन पर इसका गहरा असर दिखाई देता है। अगर कुंडली में ग्रह शुभ दशा में होते हैं तो व्यक्ति बहुत भाग्यशाली होता है उसे हर काम में सफलता मिलती है, वहीं दूसरी तरफ अगर कुंडली में अशुभ ग्रह गलत भाव में बैठा है तो व्यक्ति तमाम तरह की परेशानियों से जूझता है। कुंडली की अनुकूल और प्रतिकूल दशाएं व्यक्ति के जन्म के साथ ही बनती है। ज्योतिष में कुंडली के अशुभ प्रभाव को कम करने कई उपाय बताए गए है।
इन ज्योतिष के उपाय से कुंडली में अशुभ ग्रहों का प्रभाव हो जाता है समाप्त
चन्द्रमा के कमजोर होने पर मानसिक तनाव और फेफड़े संबंधी रोग होता है। चंद्रमा के अशुभ प्रभाव से व्यक्ति मानसिक रूप से काफी शिथिल पड़ जाता है।
उपाय
कुंडली में चन्द्रमा के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए सोमवार को शिवजी का जलाभिषेक करें और ऊं श्रां: श्रीं: श्रौं: स: चंद्रमसे नम: मंत्र का जाप करें।
कुंडली में मंगल के कमजोर होने पर भी व्यक्ति मानसिक रूप से बहुत परेशान रहने लगता है।
उपाय
मंगलवार को हनुमान जी की उपासना करें और सुंदरकांड का पाठ करें।
कुंडली में अगर बुध कमजोर होता है तो व्यक्ति के निर्णय लेने में परेशानियां आने लगती है और कई बार गलत निर्णय ले लेता है जिसका उसे खामियाजा उठना पड़ता है।
उपाय
गणेश जी की पूजा करें और ॐ श्री गणेशाय नम: का जाप करें।
कमजोर गुरु से व्यक्ति की उन्नति होनी बंद हो जाती है और हमेशा असफलता मिलने लगती है।
उपाय
कमजोर गुरु को मजबूत करने के लिए गुरुवार को पीली वस्तुओं का दान करें।