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...ताकि और निखरे लखनऊ एयरपोर्ट
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Sun, 04 Aug 2013 11:26 AM IST
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सुरेश चंद्रा होता
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निदेशक, चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट
कोई भी पैसेंजर एयरपोर्ट में आए तो उसे यहां सुखद अहसास हो। यात्रियों को एक सुरक्षित मॉल में घूमने जैसा अनुभव हो। लखनऊ से इंटरनेशनल फ्लाइट्स जा रही हैं।
यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इसके लिए सुविधाएं भी बढ़ानी होंगी। हम लोगों को एक बेहतरीन जगह देना चाहते हैं।
इसलिए नए टर्मिनल पर दस दिन के अंदर पैक्ड कबाब के साथ एग्जीक्यूटिव लाउंज की सुविधा उपलब्ध होगी। कबाब लखनऊ की पहचान हैं। कई ऐसे यात्री होते हैं जो इस पहचान को बतौर याद साथ ले जाना चाहते हैं।
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इसी तरह सिक्योरिटी हेल्ड एरिया में लखनवी चिकन की कारीगरी वाला सामान भी मिलेगा।
इसके साथ ही एक्जीक्यूटिव लाउंज में रुकने वाले यात्रियों को वाई-फाई की सुविधा भी मिलेगी ताकि यहां से जाने वाले यात्री अपने साथ कुछ सुखद अहसास और खुशनुमा यादें लेकर जाएं।
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इंटरनेशनल व घरेलू उड़ानों को अलग किया
28 जून 2012 को जब मैंने चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निदेशक का पद संभाला था तो यहां अंतरराष्ट्रीय व घरेलू उड़ान एक ही जगह से संचालित हो रही थीं। मैंने इन्हें अलग-अलग टर्मिनल से संचालित करने का निर्णय लिया।
दस मीटर के दायरे में दो बार होने वाली चेकिंग को एक बार का कर दिया। इससे यात्रियों को काफी सहूलियत मिली। हॉच-पॉच का माहौल खत्म हुआ और घरेलू यात्रियों की संख्या में भी इजाफा हुआ।
अब इस एयरपोर्ट से रोजाना करीब चार हजार घरेलू और एक हजार इंटरनेशनल यात्री आते जाते हैं। स्पाइस जेट ने भी यहां से अपनी उड़ाने शुरू कर दी हैं।
सिंगापुर एयरलाइंस, ट्रैवल्स ब्यूरो और दूसरी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भी यहां आने का विचार बना रही हैं। एक माह पहले सिंगापुर की टीम ने यहां का सर्वे किया था।
राज्य सरकार से चल रही बात
एयरपोर्ट का दायरा बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के साथ बात चल रही है। इसमें रनवे का विस्तार करने के साथ दूसरी योजनाएं हैं। इसके लिए प्लान बनाया जा रहा है।
यह देखा जा रहा है कि पब्लिक को परेशान किए बगैर कितनी जमीन के अधिग्रहण से काम चल जाएगा। दो नए एयरोब्रिज बनाने का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा कानपुर रोड से एयरपोर्ट टर्मिनल तक छह लेन की रोड बनाई जाएगी।
मेट्रो को एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना काफी कारगर साबित होगी। इससे जो भी हवाई यात्री होंगे उन्हें एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही आवागमन का बेहतरीन और तेज साधन उपलब्ध होगा।
पर्यटन स्थलों को हवाई सेवा से जोड़ने की योजना बेहतर
प्रदेश के प्रमुख शहरों लखनऊ, झांसी, आगरा, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर, बरेली, इलाहाबाद और मेरठ को हवाई सेवा से जोड़ने की प्रदेश सरकार की योजना बेहतर है।
ऐसे लोगों की संख्या बढ़ रही है जो कम समय में गंतव्य तक पहुंचना चाहते हैं। प्रदेश के प्रमुख शहर अगर हवाई सेवा से जुड़ जाएंगे तो यह बेहतर रहेगा।