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12वीं पास थी तो खोल लिया था फैशन इंस्टीच्यूट

Tue, 20 May 2014 02:18 PM IST
अरविंद बाजपेयी/अमर उजाला, चंडीगढ़
अरविंद बाजपेयी/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 20 May 2014 02:18 PM IST
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sucess story of fashion director ritu kochar

आपका इंटरव्यू अगर कोई बारहवीं पास ले तो कैसा लगेगा? ऐसा ही हुआ आईएनआईएफडी की फाउंडर डायरेक्टर रितु कोछड़ के साथ।

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12वीं पास करने के बाद फैशन का ऐसा चस्का लगा कि खुल गया देश का सबसे बड़ा फैशन संस्थान आईएनआईएफडी।

इंस्टीट्यूट में स्टाफ रखना हो सिलेबस तय करना हो, जहां जाती, लोग कहते किसी सीनियर को बुला लो। जब लोगों को मालूम पड़ता कि इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर वहीं हैं तो हैरान हो जाते। आखिरकार रितु ने 1995 में सेक्टर-27 के जाट भवन में इस फैशन संस्थान की नींव रखी। अब देशभर में इस इंस्टीट्यूट के 160 सेंटर हैं। आईएनआईएफडी, जिसके सितारे अब बॉलीवुड में भी चमक रहे हैं। सेक्टर-8 में इनका कारपोरेट आफिस है।

आईएनआईएफडी की फाउंडर डायरेक्टर रितु कोछड़ ने बताया कि शुरुआती दौर आसान नहीं रहा। सिटी में कोई भी फैशन डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट नहीं था। उनका कांसेप्ट था, ऐसा इंस्टीट्यूट लाना जो फैशन का ट्रेंड बदल दे। खैर ऐसा मंत्र चला कि अब संस्थान के दीवाने सभी हैं। रितु ने कहा कि 1994 में उन्होंने बारहवीं की परीक्षा दी।
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चंडीमंदिर में टाप किया तो पिता कर्नल राजिंदर सिंह की उम्मीदें जग गईं। पिता ने कहा कि यूपीएससी की परीक्षा दो, लेकिन रितु का इरादा यूपीएससी नहीं था, उनका मन तो फैशन डिजाइनिंग में रम गया था। परिवार के सदस्यों ने कहा कि पढ़ाई करो पर बड़े भाई अनिल खोसला ने उनका पक्ष लेते हुए कहा कि जो करना चाहती है, वह करने दो। घर से अनुमति मिली तो इंस्टीट्यूट खोलने की तैयारी शुरू कर दी।
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फैशन के बारे में इतना जानती नहीं थी इसलिए अक्सर दिल्ली जातीं। वहां इंटीरियर डिजाइनिंग, फैशन के नए मिजाज को समझा। रितु बताती हैं कि उस समय रितु कुमार, रोहित बल, रितु बेरी, तरुण तेलियानी जैसे चंद नाम फैशन की दुनिया में थे। इनके बारे में काफी स्टडी की, समझा और फिर शुरुआत हुई इंस्टीट्यूट की।

आईएनआईएफडी की नींव रखी 1995 में
रितु कोछड़ ने कहा कि उन्होंने 12 जुलाई 1995 को चंडीगढ़ के जाट भवन में आईएनआईएफडी की नींव रखी। उनका यह इंस्टीट्यूट पहला इंस्टीट्यूट था जो कि प्रोफेशनल एजूकेशन देता था। इसको खोलने के साथ ही 2000 स्टूडेंट्स के एडमीशन हुए। रितु बताती हैं कि चंडीगढ़ में किताबें भी नहीं मिलती थीं। इंस्टीट्यूट का सिलेबस बनाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी।

किसी सीनियर को बुला दो बेटा
रितु कोछड़ ने बताया कि स्टाफ के लिए अखबार में विज्ञापन दिया तो जो इंटरव्यू देने आए वह अक्सर उनको देखकर हैरान होते थे। कई उम्रदराज थे। वह कहते कि किसी सीनियर को बुला दें, आप कैसे इंटरव्यू लेंगी, लेकिन जब वह बात करते तो रितु की फैशन में गहराई का पता चल जाता। उन्होंने बताया कि पहली बार इंस्टीट्यूट के लिए दस टीचर्स का स्टाफ रखा।

सिटी के बाहर से आने लगे आफर
आईएनआईएफडी का पहला बैच निकला तो इंस्टीट्यूट के दीवाने सभी हो गए। चंडीगढ़ के बाहर से आफर्स आने लगे कि फ्रेंचाइजी खोलें। पहले पटियाला, अमृतसर, जालंधर में फ्रेंचाइजी खोली गई। अब देशभर में इंस्टीट्यूट के करीब 160 सेंटर्स हैं। इन इंस्टीट्यूट से प्रति वर्ष करीब दस हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स पास होते हैं। यह स्टूडेंट्स लेक्मे फैशन वीक में जा चुके हैं। इसके साथ कई आर्किटेक्ट के साथ काम कर रहे हैं और कई ब्रांड के साथ हैं।  


पत्राचार से कर डाली पढ़ाई
रितु कोछड़ ने कहा कि उन्होंने बारहवीं के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी से पत्राचार के माध्यम से बीए किया। फिर इतिहास से एमए किया। उन्होंने बताया कि फैशन इंस्टीट्यूट से जुड़ी होने के कारण लंदन से फैशन स्टाइलिंग का कोर्स किया।

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