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अक्षय को सलाम, पैरों से लिख रहे कामयाबी की इबारत
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला
Updated Wed, 15 Jul 2015 01:36 PM IST
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मन में कुछ करने की चाह और बुलंद हौसले के आगे मुश्किल से मुश्किल राह भी आसान हो जाती है। ऐसा ही जज्बा दिखाया है डिग्री कॉलेज धर्मशाला में बीएससी प्रथम सत्र के छात्र अक्षय ने। वह पांव के साथ अपने भविष्य की इबारत लिख रहे हैं। बचपन में दोनों हाथ गंवा देने के बाद भी उनका हौसला नहीं डगमगाया। पांव से लिखते-लिखते ही अक्षय ने जमा दो तक की पढ़ाई पूरी की।
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उन्होंने सीनियर सेकेंडरी स्कूल बडूखर से जमा दो साइंस संकाय में 60 फीसदी अंक हासिल किए हैं। अब धर्मशाला कॉलेज में बीएससी केमिस्ट्री मेजर में एडमिशन ली है। वह कॉलेज हॉस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी करेंगे। विकराल परिस्थितियों से हार न मानकर अक्षय अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गए हैं। वह पढ़ाई के साथ-साथ अन्य कामों में भी निपुण हैं।
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तहसील फतेहपुर के गांव राजपाल वान पोस्ट ऑफिस दतवाली के अक्षय जब डेढ़ वर्ष के थे तो लुधियाना में बिजली तार से करंट लगने से दोनों हाथ कट गए थे। इनके पिता बीरबल राम खेतीबाड़ी करते हैं। अक्षय ने बताया कि उनके हाथ कटने के बाद शिक्षा ग्रहण करने के लिए उन्होंने स्वयं पैरों से लिखना शुरू किया था। वह अध्यापक बनना चाहते हैं।
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छात्र की हरसंभव सहायता करेंगे : कॉलेज प्राचार्य
डिग्री कॉलेज धर्मशाला के प्राचार्य आरपी चोपड़ा ने कहा कि अक्षय को उच्च शिक्षा के लिए हरसंभव सहायता दी जाएगी। अक्षय की हॉस्टल फीस के पांच हजार की सहायता देने को बेटी से कहा है। शेष राशि हॉस्टल वार्डन डा. ध्यान सिंह ने देने को कहा है। सभी पुस्तकें भी उपलब्ध करवाई जाएंगी। हॉस्टल वार्डन डा. ध्यान चंद ने कहा कि जब तक अक्षय हॉस्टल में रहेंगे, उन्हें हॉस्टल में निशुल्क खाना दिया जाएगा।