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बहती रही कटी खांदी, गांव वालों ने खुद बांधी

Wed, 25 Oct 2017 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 25 Oct 2017 01:20 AM IST
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Running kati khadi, the villagers themselves built
गांव के भीतर भरा नहर का पानी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
 भीतरगांव  रामगंगा नहर से निकली छतेरुआ माइनर में कटी खांदी को गांववालों ने अथक प्रयास करके बांध दिया है। वहीं, नहर का पानी तिवारीपुर गांव की गलियों और बस्ती में भरा हुआ है। पशुबाड़े में पानी भरने से तीन भेड़ें मर गईं। मंगलवार को एसडीएम के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक और लेखपाल गांव ने निरीक्षण किया। नायब तहसीलदार श्यामनरायण शुक्ला ने बताया कि नहर पटरी में कटी खांदी को गांववालों ने खुद बांध दिया है।
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नहर पटरी कटने और गांव में पानी भरने की खबर मंगलवार को अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद एसडीएम के निर्देश पर प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ। लेकिन, मजदूरों और जेसीबी की व्यवस्था करके माइनर की खांदी को बंधवाने के प्रयास नहीं किए गए।
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प्रधानपति राकेश पाल ने बताया कि माइनर की पटरी जगह-जगह जर्जर हो चुकी है। जहां खांदी कटी थी उसको गांववालों ने खुद बांधा जरूर है। लेकिन, पर्याप्त मिट्टी न पड़ने से उसके फिर कटने की आशंका है। वहीं, रामविलास पाल ने बताया कि पशुबाड़े में नहर का पानी भर जाने से उसकी तीन भेड़ों की मौत हो गई। नर्वल एसडीएम राहुल कश्यप ने बताया कि छठ पूजा का त्योहार खत्म होने के बाद नहर विभाग के अधिकारियों ने माइनर की पटरी की मरम्मत कराने को कहा है।
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