हार्ट सर्जन डॉ. महंत को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
डॉ. महंत इस समय फोर्टिस अस्पताल मोहाली में कार्डियोथे्रेसिक एंड वस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) डिपार्टमेंट के एग्जीक्यूटिव डॉयरेक्टर हैं। डॉ. महंत भारत व विदेश में अब तक 30 हजार से अधिक ऑपरेशन कर चुके हैं।
एक दिन के शिशु व नब्बे साल के बुजुर्ग मरीजों के ऑपरेशन सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले डॉ. महंत हार्ट सर्जरी के क्षेेत्र में देश व विदेश में कई सम्मानों के नवाजे जा चुके हैं।
आईजीएमसी से की एमबीबीएस की डिग्री
हिमाचल सरकार ने डॉ. महंत को मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए यह अवार्ड दिया है। शिमला में आयोजित एक समारोह में राज्य के मुख्यमंत्री ने डॉ. महंत को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया।
शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री करने के बाद डॉ. महंत ने पीजीआई चंडीगढ़ से जनरल सर्जरी में एमएस और फिर सीटीवीएस में एमसीएच (मास्टर ऑफ चेरीचुरी (ये फ्रेंच वर्ड है, जिसका अर्थ मास्टर ऑफ सर्जरी ही है) की।
कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग करने वाले पहले सर्जन
आईजीएमसी मेडिकल कॉलेज शिमला में कुछ वक्त सेवाएं देने के बाद वह पीजीआई चंडीगढ़ चले गए और उसके बाद उन्होंने लखनऊ स्थित संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में बतौर एडिशनल प्रोफेसर जॉइन किया।
दोनों ही संस्थानों में डॉ. महंत कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग प्रक्रिया करने वाले पहले सर्जन थे। इसके लिए उन्हें संजय गांधी पीजीआई लखनऊ की तरफ से सम्मानित भी किया गया था।
एक दशक पहले फोर्टिस हेल्थकेयर जॉइन करने से पहले डॉ. महंत ने नई दिल्ली के बत्रा हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च इंस्टिट्यूट में बतौर चीफ सर्जन भी काम किया।
डॉ. महंत के विदेश से भी जटिल ऑपरेशन करने के लिए प्रतिष्ठित संस्थानों से बुलावा आता है। वे अमेरिका, कनाडा, आस्ट्रेलिया, दुबई व अन्य खाड़ी देशों में भी आमंत्रण पर ऑपरेशन कर चुके हैं।