Indore: आठ साल बाद निगम खुद के हाॅल में करेगा परिषद सम्मेलन, नामकरण को लेकर होगा विवाद
तत्कालीन मेयर मालिनी गौड़ ने होटलों में सम्मेलन कराने का फैसला लिया। होटलों में सम्मेलन को फिजूलखर्ची बताकर कांग्रेस पार्षद हमेशा भाजपा परिषद को घेरते थे। आखिरकार आठ साल बाद निगम के खुद के हाॅल में सम्मेलन होने जा रहा है।
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आठ साल बाद गुरुवार को भाजपा की निगम परिषद खुद के हाॅल में परिषद सम्मेलन कराएगी। पहले सम्मेलन में ही हाॅल के नामकरण को लेकर कांग्रेस सत्तारुढ़ दल को घेरने की तैयारी कर चुका है। नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने बताया कि 19 फरवरी 2020 को निगम परिषद सम्मेलन में परिषद सभागृह के नाम को लेकर सहमति बनी थी।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के नाम से हाॅल का नामकरण करने का प्रस्ताव सर्वानुमति से मंजूर हुआ था, इसके बावजूद परिषद सभागृह का नाम महाजन के नाम से नाम के बजाए देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के नाम पर किया गया । भाजपा परिषद ने पुराने प्रस्ताव को न स्वीकारते हुए अपनी ही पार्टी की नेता का अपमान किया है।
पहले नगर निगम के सम्मेलन मुख्यालय की तीसरी मंजिल पर बने हाॅल में होते थे, लेकिन वार्डो की संख्या बढ़ने के बाद हाॅल छोटा पड़ने लग। नई बिल्डिंग में भी हाॅल प्रस्तावित था, लेकिन वह आठ साल तक बन नहीं पाया।
तत्कालीन मेयर मालिनी गौड़ ने होटलों में सम्मेलन कराने का फैसला लिया। होटलों में सम्मेलन को फिजूलखर्ची बताकर कांग्रेस पार्षद दल हमेशा भाजपा परिषद को घेरते थे। आखिरकार आठ साल बाद निगम के खुद के हाॅल में सम्मेलन होने जा रहा है।
परिषद सम्मेलन में 22 प्रस्तावों पर चर्चा होगी। विपक्ष ने भाजपा परिषद को सभागृह के नामकरण के मुद्दे पर घेरने की तैयारी की है। सराफा चाट-चौपाटी, निगम का खजाना खाली होने के बावजूद बड़े आयोजन के मुद्दे भी सम्मेलन में उठाए जाएंगे। सम्मेलन के पहले पार्षदों का ग्रुप फोटो सेशन भी होगा। सम्मेलन में 22 से ज्यादा विषयोंं पर चर्चा होगी और उन्हें मंजूरी मिलेगी।