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विरोध में उतरे जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र, वीसी दफ्तर का घेराव कर किया प्रदर्शन

Mon, 13 Jan 2020 01:19 PM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्राची प्रियम Updated Mon, 13 Jan 2020 01:19 PM IST
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Jamia Millia Islamia students protest against VC for exam rescheduling and FIR on Delhi police
जामिया में छात्रों का प्रदर्शन - फोटो : ANI

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के बाद अब जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी का माहौल भी बिगड़ गया है। सोमवार को एक बार फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र-छात्राओं ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और वीसी नजमा अख्तर के दफ्तर का घेराव कर नारेबाजी की। 

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प्रदर्शन के दौरान उन्होंने 'हल्ला-बोल' और 'वाइस चांसलर चुप्पी तोड़ो' के नारे लगाए। उन्होंने 15 दिसंबर की घटना के बाद अबतक पुलिस के खिलाफ एफआईआर न होने को लेकर सवाल उठाया। छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी में हिंसा हुए एक महीना बीत गया, लेकिन अबतक पुलिस के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है। उनका सवाल है कि अबतक कुलपति चुप क्यों हैं?
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इसके साथ ही छात्रों ने परीक्षा की तारीखों के पुनर्निर्धारण की भी मांग की है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों को समझाने के लिए जामिया के प्रोफेसर भी मौके पर पहुंचे, लेकिन वे किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हैं। बता दें कि नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर 15 दिसंबर को जामिया मिलिया इस्लामिया में विरोध प्रदर्शन हुए थे। भीड़ ने मथुरा रोड और सरिता विहार-नोएडा रोड पर जाम लगा दिया था। जब पुलिस ने इन्हें हटाने का प्रयास किया तो शरारती तत्वों ने उनपर पथराव कर दिया। पुलिस के जवाबी कार्रवाई करने पर भीड़ ने करीब आधा दर्जन बसों में आग लगा दी। 

 

आठ से अधिक बसों में तोड़फोड़ के अलावा कई कारों व दुपहिया वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया। आग पर काबू पाने पहुंची दमकल की एक गाड़ी को भीड़ ने तोड़ डाला। हमले में एक दमकलकर्मी के अलावा छह पुलिसकर्मी और 42 प्रदर्शनकारियों घायल हो गए थे।

पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया था। हिंसा को देखते हुए जसोला विहार, आरकेपुरम, मनिरका, बसंत विहार, शाहीन बाग, ओखला विहार, जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय और सुखदेव विहार मेट्रो स्टेशन को बंद करना पड़ा था।

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