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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: Vultures have reduced in Indore, there were 116 three years ago, now only 86 are left.

Indore:इंदौर में कम हो गए गिद्ध, तीन साल पहले थे 116, अब 86 ही बचे

Sun, 18 Feb 2024 07:30 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Sun, 18 Feb 2024 07:30 PM IST
सार

प्रदेश में तीन साल पहले गिद्धों की संख्या दस हजार थी, लेकिन अब प्रदेश में भी गिद्ध कम होने की आशंका है,क्योकि सभी वनमंडलों में हुई गिनती में कम गिद्ध मिले है। वर्ष 2021 के बाद गिद्धों का सर्वे विभाग ने पहली बार तीन दिन तक किया ।
 

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Indore: Vultures have reduced in Indore, there were 116 three years ago, now only 86 are left.
इंदौर में की गई गिनती में 86 गिद्ध ही मिेले। - फोटो : amar ujala digital

विस्तार

इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में गिद्धों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। विलुप्त हो रही इस प्रजाति को बचाने के लिए वन विभाग भी ठोस उपाय नहीं कर रहा है। कम हो रही संख्या का खुलासा भी वन विभाग की गिनती में ही हुआ है।

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इंदौर वनमंडल क्षेत्र में हुई तीन दिनों गिद्धों की गिनती के आंकड़े चौकाने वाले है। वन विभाग द्वारा की गई पिछली गिनती की तुलना में गिद्धों की संख्या पहले से कम हो गई । तीन दिन तक 25 स्थानों पर 18 टीमों ने गिद्धों की गिनती की।

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टीम को इंदौर वनमंडल की चारों रेंज में सिर्फ 86 गिद्ध ही दिखे,जबकि तीन साल पहले हुई गिनती में इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में 116 गिद्ध थे। अब इंदौर वनमंडल रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को सौंपेगा।

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प्रदेश में तीन साल पहले गिद्धों की संख्या दस हजार थी, लेकिन अब प्रदेश में भी गिद्ध कम होने की आशंका है,क्योकि सभी वनमंडलों में हुई गिनती में कम गिद्ध मिले है। वर्ष 2021 के बाद गिद्धों का सर्वे विभाग ने पहली बार तीन दिन तक किया ।


इंदौर, चोरल, महू और मानपुर रेंज में 25 सेे अधिक स्थानों को चुनना गया। वहां टीमें सुबह 6 से 8 बजे के बीच जाती थी और गिद्धों के फोटो, उनकी गूगल लोकेशन एप में अपलोड करती थी।

टीम को इंदौर के आसपास पेडमी, देवगुराडिया, पठान पिपलिया, चिखली, मेंहदीकुंड, पातालपामनी, तिन्छा, भड़किया, गिद्ध खो में गिद्ध मिले। ज्यादातर व्यस्क गिद्ध दिखाई दिए। टीम को पहले दिन 38, दूसरे दिन और तीसरे दिन 22 गिद्ध नजर आए। इस तरह इस बार की गणना में 86 गिद्ध ही मिले।



प्रमाण मिले है। अधिकारियों ने कहा कि गिद्धों के उड़ने से पहले इनकी गिनती करनी थी। जमीन, घोंसले और पेड़ पर बैठे गिद्धों के आंकड़े जुटाए गए है, इसलिए टीम सुबह गिनती के लिए जाती थी। दोपहर में ज्यादातर गिद्ध भोजन की तलाश में निकल जाते है।

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