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सिल्ट सफाई से पहले और बाद ड्रोन कैमरे से कराएं फोटोग्राफी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 27 Oct 2017 12:45 AM IST
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कलक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को डीएम ने रजबहों की सिल्ट सफाई को लेकर बैठक की। इसमें निर्देश दिए कि सफाई से पहले व बाद में ड्रोन कैमरों से फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी कराई जाए। सफाई में मानक का पूरा ख्याल रखा जाए। माइनरों की सफाई में मशीनों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
बैठक में डीएम राकेश कुमार सिंह ने कहा कि सिल्ट सफाई के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। कहा कि सिल्ट सफाई के नाम पर खानापूरी नहीं चलेगी। जिले में नहर विभाग से जुड़े छह प्रखंड हैं, जिसमें कानपुर प्रखंड निचली गंगा नहर, भोगनीपुर प्रखंड निचली गंगा नहर इटावा, सिंचाई खंड औरैया और निचली गंगा नहर इटावा व सिंचाई खंड कानपुर देहात शामिल है। सिल्ट सफाई से पहले सभी प्रखंडों से जुड़े रजबहों और माइनरों को सूचीबद्ध कर लिया जाए। जिन माइनरों और रजबहों में सफाई हो चुकी है, उन्हें सफाई कराने के लिए बनाई गई सूची में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। स्थानीय स्तर पर रोस्टर बनाकर सफाई कराई जाए। माइनरों की सफाई में मशीन का प्रयोग नहीं किया जाएगा। केवल मनरेगा के श्रमिकों से सफाई कराई जाएगी।
वहीं, 50 फीसदी से अधिक पानी की क्षमता रखने वाले रजबहों में केवल मशीन का इस्तेमाल होगा। बैठक में सीडीओ केदारनाथ सिंह, शिवशंकर गुप्ता, अधिशासी अभियंता ओपी मौर्या, औरैया के राजीव मित्तल, अधिशासी अभियंता इटावा, एई कामता प्रसाद, जेई सुरेश सिंह आदि मौजूद रहे।
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बैठक में डीएम राकेश कुमार सिंह ने कहा कि सिल्ट सफाई के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। कहा कि सिल्ट सफाई के नाम पर खानापूरी नहीं चलेगी। जिले में नहर विभाग से जुड़े छह प्रखंड हैं, जिसमें कानपुर प्रखंड निचली गंगा नहर, भोगनीपुर प्रखंड निचली गंगा नहर इटावा, सिंचाई खंड औरैया और निचली गंगा नहर इटावा व सिंचाई खंड कानपुर देहात शामिल है। सिल्ट सफाई से पहले सभी प्रखंडों से जुड़े रजबहों और माइनरों को सूचीबद्ध कर लिया जाए। जिन माइनरों और रजबहों में सफाई हो चुकी है, उन्हें सफाई कराने के लिए बनाई गई सूची में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। स्थानीय स्तर पर रोस्टर बनाकर सफाई कराई जाए। माइनरों की सफाई में मशीन का प्रयोग नहीं किया जाएगा। केवल मनरेगा के श्रमिकों से सफाई कराई जाएगी।
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वहीं, 50 फीसदी से अधिक पानी की क्षमता रखने वाले रजबहों में केवल मशीन का इस्तेमाल होगा। बैठक में सीडीओ केदारनाथ सिंह, शिवशंकर गुप्ता, अधिशासी अभियंता ओपी मौर्या, औरैया के राजीव मित्तल, अधिशासी अभियंता इटावा, एई कामता प्रसाद, जेई सुरेश सिंह आदि मौजूद रहे।
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