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हिमाचल की बेटी को 35 लाख की स्कॉलरशिप

Thu, 11 Sep 2014 12:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 11 Sep 2014 12:33 PM IST
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35 lakh scholorship to gunjan of himachal.

यूरोपियन विश्वविद्यालय ट्वैंटे ने प्रदेश की गुंजन शर्मा को जिओ इन्फार्मेशन साइंस एंड अर्थ आब्जर्वेशन फॉर एन्वायर्मेंटल मॉडलिंग एंड मैनेजमेंट विषय में एमएससी की डिग्री के लिए चुना है। वर्ष 2014 से 2016 तक के शैक्षणिक सत्र के लिए इस विषय में चयनित होने वाली गुंजन प्रदेश की पहली छात्रा हैं।

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इस बैच में भारत से गुंजन के अलावा विभिन्न देशों के 52 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। जीईएम एमएससी ज्वाइंट प्रोग्राम बोर्ड के प्रस्ताव पर गुंजन की शैक्षणिक योग्यता के आधार पर एमएससी करने को इरायमस मंडस ए कैटेगिरी की 43740 यूरो (करीब 35 लाख) की स्कॉलरशिप लगी है। वह एक साल की पढ़ाई नीदरलैंड में करेंगी।
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दूसरे साल की पढ़ाई को यूके, पोलैंड और आइसलैंड स्थित किसी भी विवि में स्पेशेलाइजेशन का मौका मिलेगा। उसे सिडनी विवि में भी तीन महीने अध्ययन के लिए स्पांसर किया जाएगा। वह इस विषय में स्पेशेलाइजेशन करने के बाद बहु विश्वविद्यालयों की डिग्री हासिल करेंगी। गुंजन कहती हैं कि वह एमएससी करने के बाद आपदा प्रबंधन पर शोध कार्य करेंगी। आपदा प्रबंधन पर देश-विदेश में ठोस नीतियां बनाने में योगदान देंगी।
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रामपुर के तकलेच की हैं गुंजन

रामपुर बुशहर के तकलेच गांव की 30 वर्षीय गुंजन की प्रारंभिक शिक्षा लैरेटो कान्वेंट स्कूल ताराहाल से हुई। चैप्सली से विज्ञान विषय में जमा दो, सेंट बीड्स कॉलेज से भूगोल और अर्थशास्त्र विषय में 71 फीसदी अंकों के साथ ग्रेजुएशन की। 2006-08 में प्रदेश विश्वविद्यालय से भूगोल विषय में पीजी, यहीं से रिमोट सेंसिंग एंड जीआईएस में भी पीजी डिप्लोमा कर गोल्ड मेडल जीता।


73 फीसदी अंकों के साथ बीएड की डिग्री लेकर एक साल अध्यापन कार्य भी। उन्होंने अपनी कामयाबी का श्रेय मां अनुराधा ठाकुर, पिता डीएल ठाकुर और शिक्षकों के मार्गदर्शन के अलावा पति प्रणय शर्मा और सास-ससुर की प्रेरणा को दिया। इनके पिता स्थानीय लेखा-परीक्षा विभाग में संयुक्त नियंत्रक हैं। इस समय प्रदेश विवि में कार्यरत हैं। माता अनुराधा ठाकुर भी इसी विभाग में कार्यरत हैं। इनकी शादी धर्मशाला निवासी प्रणय शर्मा के साथ वर्ष 2011 में हुई है।

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