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किसके निशाने पर हैं प्रियंका गांधी? : छह महीने के अंदर यूपी के 10 बड़े कांग्रेसी नेताओं ने पार्टी छोड़ी, जानिए कौन कहां है?

Thu, 25 Nov 2021 12:54 PM IST
Himanshu Mishra हिमांशु मिश्रा
Updated Thu, 25 Nov 2021 12:54 PM IST
सार

अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उत्तर प्रदेश में कांग्रेस टूटती हुई नजर आ रही है। ये तब हो रहा है जब प्रियंका गांधी की अगुवाई में पूरे प्रदेश में कांग्रेस को लेकर एक अलग माहौल बनने लगा है। ऐसे में क्या पार्टी के पुराने और कद्दावर नेताओं का साथ छोड़ना किसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है?

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Who is Priyanka Gandhi targeting? Within six months, 10 top Congress leaders of UP left the party, know who is where now
चुनाव से ठीक पहले 10 नेताओं के पार्टी छोड़ने से प्रियंका गांधी को बड़ा झटका लगा है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोनिया गांधी के गढ़ रायबरेली से विधायक अदिती सिंह ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ले ली है। पिछले छह महीने के अंदर 10 बड़े कांग्रेसी नेता पार्टी छोड़ चुके हैं। इनमें छह नेताओं ने समाजवादी पार्टी, दो ने भाजपा और दो ने टीएमसी का दामन थाम लिया है। 
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विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एक के बाद एक कई दिग्गज नेताओं का पार्टी छोड़ना कांग्रेस के लिए अच्छा संदेश नहीं है। सवाल ये भी उठ रहा है कि आखिर कौन है जो कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है? कभी कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहने वाली समाजवादी पार्टी और टीएमसी क्यों कांग्रेस के नेताओं को तोड़कर अपनी पार्टी में शामिल करा रहे हैं? क्या ये प्रियंका गांधी को कमजोर करने की कोई राजनीतिक रणनीति है? सिलसिलेवार पढ़िए इन छह महीनों के अंदर उत्तर प्रदेश के किन-किन नेताओं ने कांग्रेस छोड़ी है और प्रियंका गांधी के नेतृत्व पर राजनीतिक विशेषज्ञों का क्या मानना है? 
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इन 10 नेताओं ने छोड़ी कांग्रेस

Who is Priyanka Gandhi targeting? Within six months, 10 top Congress leaders of UP left the party, know who is where now
अदिती सिंह और ललितेश पति त्रिपाठी। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
1. जितिन प्रसाद : राहुल गांधी के करीबी और मनमोहन सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री रहे जितिन प्रसाद ने सबसे पहले कांग्रेस छोड़ी। भाजपा जॉइन करने के बाद जितिन अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। जितिन प्रसाद ने कांग्रेस छोड़ने के दौरान कहा था, 'मैंने कांग्रेस किसी व्यक्ति के चलते या किसी पद के लिए नहीं छोड़ी। मेरे कांग्रेस छोड़ने का कारण यह था कि पार्टी और लोगों के बीच संपर्क टूट गया था और यही कारण है कि उत्तर प्रदेश में पार्टी का वोट प्रतिशत कम होता जा रहा है। इसके अलावा पार्टी को फिर से पटरी पर लाने के लिए भी कोई योजना नहीं है।' 

2. राजाराम पाल : पिछले दिनों कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व सांसद राजाराम पाल ने पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। इसके बाद उन्होंने कहा, 'समाजवादी पार्टी के लिए मेरा खून भी समर्पित है। सपा के विजयरथ को आगे बढ़ाने में मेरा शरीर काम आया तो लगा दूंगा।' 

3.  राजेश पति त्रिपाठी : पूर्व मुख्यमंत्री पं. कमलापति त्रिपाठी के बेटे और कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे राजेश पति त्रिपाठी भी पार्टी छोड़ चुके हैं। राजेश कांग्रेस से एमएलसी भी रहे। पूर्वांचल के ब्राह्मण वोटर्स में राजेश पति की अच्छी पकड़ मानी जाती है। राजेश पति और तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम चुके हैं। 

4. ललितेश पति त्रिपाठी : मिर्जापुर के मड़िहान से कांग्रेस के विधायक रह चुके ललितेश पति त्रिपाठी ने भी अपने पिता राजेश पति त्रिपाठी के साथ पार्टी छोड़ दी थी। ललितेश भी अब तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं।   

5. हरेंद्र मलिक : पूर्व सांसद और प्रियंका गांधी के सलाहकार समिति के सदस्य रहे हरेंद्र मलिक भी कांग्रेस छोड़कर समाजवादी हो चुके हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हरेंद्र की अच्छी पकड़ मानी जाती है। 

6. पंकज मलिक : पूर्व विधायक और हरेंद्र मलिक के बेटे पंकज मलिक ने भी अब समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवाओं के बीच पंकज की अच्छी पकड़ है। 

7. गयादीन अनुरागी : हमीरपुर के राठ से पूर्व विधायक गयादीन अनुरागी भी अब समाजवादी हो चुके हैं। गयादीन ने पिछले दिनों सपा मुखिया अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ले ली थी। 2012 में कांग्रेस के टिकट से राठ विधानसभा क्षेत्र से गयादीन विधायक चुने गए थे। 

8. विनोद चतुर्वेदी : जालौन के उरई से विधायक रहे विनोद चतुर्वेदी प्रियंका गांधी के सलाहकार समिति के सदस्य भी थे। उन्हें बुंदेलखंड में कांग्रेस का बड़ा चेहरा माना जाता था। कांग्रेस ने तीन बार उन्हें कांग्रेस का जिलाध्यक्ष बनाया और एक बार पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी दी। विनोद अब सपा का दामन थाम चुके हैं। 

9. मनोज तिवारी : महोबा में कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे मनोज तिवारी भी अब समाजवादी हो गए हैं। मनोज के पिता बाबूलाल तिवारी पांच बार कांग्रेस से विधायक रहे। 

10. अदिती सिंह : रायबरेली की विधायक अदिती सिंह ने बुधवार को ही कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी जॉइन की है। सोनिया गांधी के गढ़ से कांग्रेस का बड़ा चेहरा अलग होना बड़ा झटका है।

क्या कहते हैं राजनीतिक विशेषज्ञ? 

Who is Priyanka Gandhi targeting? Within six months, 10 top Congress leaders of UP left the party, know who is where now
राजाराम पाल और जितिन प्रसाद - फोटो : अमर उजाला
यूपी की राजनीति पर अच्छी पकड़ रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद कुमार सिंह कहते हैं, 'प्रियंका गांधी ने अपने दम पर उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत किया। उनके चुनावी वादों की चर्चा पूरे यूपी में होने लगी है। हां, ये बात अलग है कि इसका कोई खास असर चुनाव में देखने को नहीं मिलेगा, लेकिन भविष्य के लिए ये अच्छा कदम है।'

प्रमोद आगे कहते हैं, 'प्रियंका अब खुलकर यूपी से जुड़े फैसलों को लेने लगी हैं। इससे पार्टी के पुराने और बड़े नेता खुद को अलग-थलग महसूस करने लगे हैं। पार्टी में अंदर तक हलचल है। ऐसे में कई नेता खुद ही कांग्रेस को कमजोर करने में जुट गए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर इस समय पार्टी मजबूत होती है तो इसका श्रेय केवल और केवल प्रियंका गांधी को मिलेगा। वहीं, अगर कांग्रेस बुरी तरह हारती है तो प्रियंका गांधी के राजनीतिक कॅरियर को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचेगा।'  
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