{"_id":"62b96fc38695da71537d6f1a","slug":"turmoil-over-an-adjournment-motion-against-agnipath-moved-by-the-opposition-in-bihar-assembly","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agneepath Scheme: 'अग्निपथ वापस लो' बिहार विधानसभा में जमकर नारेबाजी, राजद बोली- युवाओं की 'हकमारी' हो रही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agneepath Scheme: 'अग्निपथ वापस लो' बिहार विधानसभा में जमकर नारेबाजी, राजद बोली- युवाओं की 'हकमारी' हो रही
Mon, 27 Jun 2022 02:32 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 27 Jun 2022 02:32 PM IST
सार
'अग्निपथ भर्ती योजना' के तहत युवाओं को चार साल की अवधि के लिए सेना में शामिल होने का मौका मिलेगा। साढ़े 17 साल से 23 साल के युवा लड़के और लड़कियां इसके लिए पात्र होंगे। हालांकि केंद्र सरकार की इस योजना को लेकर बिहार में राजनीति तेज हो गई है। विधानसभा में इस योजना के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
विज्ञापन
अग्निपथ योजना को लेकर बिहार विधानसभा में बवाल
- फोटो : ANI
विस्तार
अग्निपथ योजना के विरोध में आज दूसरे दिन एक बार फिर बिहार विधानसभा में विपक्षी पार्टियों ने जमकर नारेबाजी की। विपक्षी दलों ने इस योजना को प्रधानमंत्री द्वारा एक तानाशाही कदम बताया। बता दें कि ललित यादव (राजद) और अजीत शर्मा (कांग्रेस) के स्थगन प्रस्ताव को तुरंत स्वीकार करने की विपक्षी विधायकों की जोरदार मांगों के बीच सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू हुई। लेकिन भारी हंगामे के कार्यवाही स्थगित करना पड़ा।
विज्ञापन
अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने शुरू में अनुरोध किया कि प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद मामले को उठाया जाए, लेकिन यादव और शर्मा को विपक्ष को शांत करने के लिए प्रस्ताव का पाठ पढ़ने की अनुमति दी गई। बहरहाल, विपक्षी विधायक, जिनमें से कई नारेबाजी में शामिल हो गए, इस बात पर अड़े रहे कि दिन के लिए विधायी कार्य बंद कर दिया जाए और सशस्त्र बलों में भर्ती की नई योजना पर बहस की जाए।
विज्ञापन
संसदीय मामलों के मंत्री विजय कुमार चौधरी के अपील के बावजूद विपक्षी नेता नहीं माने और जमकर नारेबाजी की। वहीं उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, जो सदन में भाजपा के नेता भी हैं, ने कहा कि यह मामला राज्य विधानसभा के दायरे से बाहर है। इसके अलावा, सदन के पटल पर प्रधानमंत्री के खिलाफ बयानबाजी एक बुरी मिसाल कायम करती है।
विज्ञापन
अध्यक्ष ने कुछ देर के लिए उत्तेजित विपक्षी विधायकों से आग्रह किया बच्चे कार्यवाही देखने आए हैं। कृपया सही व्यवहार करें। हालांकि, विधायकों के न मानने पर कार्यवाही दोपहर के भोजन तक के लिए स्थगित कर दी गई।