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नए साल पर बदइंतजामी से बदनाम हो रहा ताज, अमेरिका ने कहा नहीं है घूमने लायक
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Thu, 04 Jan 2018 06:16 AM IST
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ताजमहल
- फोटो : SELF
नए साल की छुट्टियों में भीड़ के कारण हुई बदइंतजामी से ताजमहल की दुनिया भर में बदनामी हुई और अब अमेरिकी वेबसाइटों ने ताजमहल को साल 2018 में न घूमने वाले पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल किया है। अमेरिकी ट्रेवल वेबसाइटों ने प्रदूषण और मडपैक के कारण ताज के गुंबद पर पूरे साल पाड़ बंधे होने का हवाला दिया है। पर्यटकों से कहा है कि वह ताज की जगह किसी अन्य स्थल पर जाएं, क्योंकि उन्हें इस साल गुंबद नजर नहीं आ सकेगा।
अमेरिकन ट्रेवल वेबसाइट फोडर्स डॉट कॉम ने 10 स्थलों को साल 2018 में घूमने लायक नहीं बताया है। इसमें ताजमहल तीसरे नंबर पर है, जबकि चीन की दीवार नौवें नंबर पर है। ताजमहल पर प्रदूषण के कारण पीले पन और मडपैक ट्रीटमेंट की जानकारी पर्यटकों को दी गई है। वहीं चीन की दीवार के लिए स्मॉग और प्रदूषण का रेड अलर्ट वजह बताया है। इसके अलावा यूएसए टुडे ने भी ताज को न घूमने लायक स्थलों की टॉप 3 सूची में शामिल किया है। ट्रेवल वेबसाइट ट्रिप एडवाइजर समेत आधा दर्जन वेबसाइटों पर क्रिसमस से लेकर नए साल के बीच ताज पर बदइंतजामी पर प्रतिक्रियाएं दी गई हैं।
पढ़ें- बंद होने जा रहा ताजमहल का ये गेट, अब दो रास्तों से ही मिलेगा प्रवेश
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ताज पर सबसे ज्यादा अमेरिकी और ब्रिटिश सैलानी
ताजमहल पर सबसे ज्यादा पर्यटक अमेरिका और ब्रिटेन से आते हैं। अमेरिकी पर्यटकों की हिस्सेदारी 17 फीसदी और ब्रिटिश पर्यटकों की संख्या 15 प्रतिशत है। अमेरिकी वेबसाइटों पर जारी दुष्प्रचार का असर साल 2018 में नजर आ सकता है। वहीं संस्कृति मंत्रालय भी ताज पर पर्यटकों की संख्या सीमित करने और गुंबद के लिए अलग टिकट लागू करने की कवायद में लगा है, जिसका असर सैलानियों की संख्या पर पड़ सकता है।
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अमेरिकन ट्रेवल वेबसाइट फोडर्स डॉट कॉम ने 10 स्थलों को साल 2018 में घूमने लायक नहीं बताया है। इसमें ताजमहल तीसरे नंबर पर है, जबकि चीन की दीवार नौवें नंबर पर है। ताजमहल पर प्रदूषण के कारण पीले पन और मडपैक ट्रीटमेंट की जानकारी पर्यटकों को दी गई है। वहीं चीन की दीवार के लिए स्मॉग और प्रदूषण का रेड अलर्ट वजह बताया है। इसके अलावा यूएसए टुडे ने भी ताज को न घूमने लायक स्थलों की टॉप 3 सूची में शामिल किया है। ट्रेवल वेबसाइट ट्रिप एडवाइजर समेत आधा दर्जन वेबसाइटों पर क्रिसमस से लेकर नए साल के बीच ताज पर बदइंतजामी पर प्रतिक्रियाएं दी गई हैं।
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ताज पर सबसे ज्यादा अमेरिकी और ब्रिटिश सैलानी
ताजमहल पर सबसे ज्यादा पर्यटक अमेरिका और ब्रिटेन से आते हैं। अमेरिकी पर्यटकों की हिस्सेदारी 17 फीसदी और ब्रिटिश पर्यटकों की संख्या 15 प्रतिशत है। अमेरिकी वेबसाइटों पर जारी दुष्प्रचार का असर साल 2018 में नजर आ सकता है। वहीं संस्कृति मंत्रालय भी ताज पर पर्यटकों की संख्या सीमित करने और गुंबद के लिए अलग टिकट लागू करने की कवायद में लगा है, जिसका असर सैलानियों की संख्या पर पड़ सकता है।