फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   City & states ›   Possessing liquor is not offence: High Court

शराब अपने पास रखने से ही कोई अपराधी नहीं हो जाता: हाईकोर्ट

Thu, 02 Jun 2016 12:01 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 02 Jun 2016 12:01 PM IST
विज्ञापन
Possessing liquor is not offence: High Court

बिहार में शराब कानून लागू होने के बाद पटना हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए कहा केवल शराब अपने पास होना या शराब पर अधिकार होने मात्र से ही कोई अपराधी नहीं हो जाता जब‌ तक कि वह शराब के अवैध व्यापार में लिप्त न हो। कोर्ट ने साफ किया कि बिहार आबकारी अधि‌नियम केवल 'व्यापार और शराब की खपत' के मामलों में ही कार्रवाई का प्रावधान है। हाईकोर्ट के इस निर्णय के बाद जेडीयू की एमएलसी मनोरमा देवी को राहत मिल सकती है जिन्हें पुलिस ने पिछले माह शराब की छह बोतलों के साथ गिरफ्तार किया था। 

विज्ञापन


टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार 26 मई को हाईकोर्ट ने कहा था कि अधिनियम शराब के कब्जे से अधिक चुप है। यह अंतरिम आदेश चीफ जस्टिस इकबाल अहमद अंसारी की पीठ ने राम सुमीर शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किए। शर्मा के औरंगाबाद स्थित घर को पिछले महीने पुलिस ने उनके भतीजे के पास से काफी मात्रा में शराब मिलने के बाद सील कर दिया था। 
विज्ञापन


राज्य में शराब अधिनियम लागू होने के बाद पुलिस ने 3 हजार से ज्यादा छापामारी करके 100 से ज्यादा लोगों को शराब रखने के आरोप में गिरफ्तार किया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने बिहार एक्साइज एक्ट के सेक्शन 19(4) के इस प्रावधान का विशेष तौर पर जिक्र किया जिसमें कहा गया है कि शराब को कब्जे में रखना कानूनन अपराध नहीं है। वहीं हाइकोर्ट के इस निर्णय के बाद मनोरमा देवी के वकील वाईबी गिरी ने इसी आधार पर उनके लिए राहत मांगने की बात कही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed