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बेंगलुरु में बारिश को मौत का मौसम कहिए जनाब

Mon, 22 May 2017 05:28 PM IST
amarujala.com, Written by: शरद मिश्र
amarujala.com, Written by: शरद मिश्र Updated Mon, 22 May 2017 05:28 PM IST
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One person killed by heavy rain and Water logging in bengaluru
प्रतीतात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
बेंगलुरु को देश के आधुनिक शहरों में शुमार किया जाता है, पर इस गार्डन सिटी में बारिश के मौसम में आए दिन लोगों को हादसों का शिकार होना पड़ रहा है। शनिवार रात को हुई भारी बारिश के बाद ढीले सीवेज सिस्टम और जल भराव की वजह से एक और व्यक्ति की जान चली गई।
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बारिश के बाद 35 वर्षीय शांत कुमार वृषाभावती नदी के दासराहाल्ली कैचमेंट एरिया के पास जलभराव का शिकार हो गया। दरअसल पानी में उसका वाहन डूब रहा था, जिससे बचने के लिए उसने पानी में छलांग लगा दी। पर पानी में कूदने के बाद उसे कोई नहीं देख पाया। नतीजा यह है कि दस घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भी अब तक उसका पता नहीं चल सका है। नेशनल डिसास्टर रिस्पांस फोर्स और सैन्‍य इकाई मद्रास इंजीनियर ग्रुप ने खोज अभियान सोमवार को भी जारी रखा पर सफलता अब तक नहीं मिल सकी है। राहत और बचाव कार्य में लगे एक सदस्य का कहना है कि शांत कुमार का शरीर ड्रेन चैनल में फंसा हो सकता है।
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शांत कुमरा मानसून में जल भराव के बाद जान गंवाने वाला शहर का पहला शख्स नहीं है। सरकारी निकायों की घटिया व्यवस्‍था और सीवेज सिस्टम से पहले भी यहां कई हादसे होते रहे हैं। मानसून से पहले सुनियोजित योजना और तालमेल में कमी तथा भ्रष्टाचार के बीच यहां का कारपोरेशन बारिश के बाद सतर्क होकर काम करने में नाकाम है। हालात ये हैं कि शांत कुमार की रविवार से खोजबीन कर रहे बचाव दल के सदस्यों का कहना है कि वह अभी भी कुछ नहीं कह सकते।
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दरअसल, शहर की ड्रेनेज में बारिश का पानी और सीवेज एक साथ मिल रहा है। यही सारी परेशानी की जड़ यही वजह है। जो  पिछले छह सालों से जारी है। इसपर बेंगलूरु बृहद महानगर पालिका को ध्यान देना चाहिए।

पहले भी हो चुके हैं हादसे 

अक्टूबर 2014 में आठ साल की गीता नाम की लड़की खुले ड्रेन में बनरघटटा के पास गिर गई थी जिसके बाद वह बह गई और उसका शव दो दिन बाद बरामद हुआ। इसके अलावा साल 2009 में एक छह साल का लड़का ड्रेन में गिरकर बह गया, उसका शव तक नहीं मिला। यही नहीं,17 साल की संजना संजय नगर वेटरनिरी कॉलेज के कंपाउड वॉल के गिरने से मौत का शिकार हुई। हालांकि सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। उसका परिवार अभी भी सदमें में है। आम लोगों का कहना है कि इतने सारे हादसों के बाद भी शहर की आधारिक संरचना में अभी भी बेहतर सुधार देखने को नहीं मिला है 


शनिवार को हुई भारी बारिश से शहर के अधिकांश जगह में जल भराव की ‌शिकायत मिली है। पेड़ और बिजली के खंभे भी जगह जगह उखड़ गए हैं। महानगर पालिका के कंट्रोल रुम में शिकायतों का अंबार लग गया है। अधिकारी व्यवस्‍था को जल्द से जल्द चुस्त दुरुस्त करने का आश्वासन दे रहे हैं, पर ऐसे हादसों को रोकने के लिए प्रशासन को गंभीर प्रयास करने होंगे।
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