{"_id":"5dc3acdd8ebc3e5af25f84db","slug":"new-initiative-to-save-environment-in-telangana-take-eggs-with-garbage","type":"story","status":"publish","title_hn":"तेलंगाना: पर्यावरण बचाने की अनोखी पहल, सिंगल यूज प्लास्टिक लाओ और छह अंडे ले जाओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तेलंगाना: पर्यावरण बचाने की अनोखी पहल, सिंगल यूज प्लास्टिक लाओ और छह अंडे ले जाओ
Thu, 07 Nov 2019 07:51 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: Trainee Trainee
Updated Thu, 07 Nov 2019 07:51 PM IST
विज्ञापन
egg
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो अक्तूबर को सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाए जाने की बात कही थी। ऐसे में तेलंगाना के कामारेड्डी जिला कलेक्टर एन सत्यनारायण ने सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करने के लिए एक अनोखा अभियान शुरू किया है। इसके तहत कोई व्यक्ति दो किलो प्लास्टिक देता है तो उसे उसके बदले में छह अंडे दिए जाते हैं। कलेक्टर की इस पहल को काफी लोग पसंद कर रहे हैं।
विज्ञापन
वहीं इसे देखते हुए राज्य सरकार भी सिंगल-यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर बैन लगाने की तैयारी कर रही है। हालांकि कलेक्टर ने इसे सार्थक रूप से लागू करने की पूरी तैयारी करते हुए पंचायत, मंडल और नगर निगम कर्मचारियों को आदेश दिया है।
विज्ञापन
आदेश में कहा गया है कि वह इस पहल को कामयाब बनाएं। इसके लिए उन्होंने अफसरों, एनजीओ और व्यापारी संगठनों की एक समिति भी बनाई है। समिति से उन्होंने पर्याप्त अंडों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा है ताकि अगर कोई प्लास्टिक लेकर आता है तो उसे फौरन अंडे दिए जा सकें।
विज्ञापन
लोगों में आई जागरूकता
कलेक्टर एन सत्यनारायण ने इस संबंध में बताया कि इस पहल का बहुत अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। पिछले तीन महीनों में तीन नगरपालिकाओं में ही 14900 किलोग्राम सिंगल यूज प्लास्टिक एकत्रित हो चुका है। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं यह एक तरह का पब्लिक मूवमेंट बने ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जुड़ सकें।
कलेक्टर ने बताया कि यह हमारे लिए बहुत बड़ी चुनौती थी कि कैसे इस पहल से लोगों को जोड़ा जाए। इसलिए हमने थोड़ा अलग सोचा और इसे हेल्थ से जोड़ दिया। इसके बाद दो किलो प्लास्टिक देने पर छह अंडे और एक किलो प्लास्टिक देने वाले को तीन अंडे देने का फैसला लिया गया।