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MP Election: महाकौशल या मालवा-निमाड़ कहां सबसे ज्यादा मतदान, 2018 के मुकाबले कितना बदला ट्रेंड?
Fri, 17 Nov 2023 09:00 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Fri, 17 Nov 2023 09:00 PM IST
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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव
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amar ujala
विस्तार
मध्य प्रदेश में शुक्रवार को सभी 230 विधानसभा सीटों के लिए मतदान खत्म हो गया है। रात साढ़े आठ बजे तक कुल मतदान का प्रतिशत 72 फीसदी के आंकड़े को छू चुका है। अंतिम आंकड़े आना अभी बाकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि राज्य में मतदान का प्रतिशत 75% को पार कर सकता है। ऐसा होता है तो पिछली बार के मुकाबले इस बार ज्यादा मतदान का रिकॉर्ड बनेगा। 2018 के विधानसभा चुनाव में कुल 74.97 फीसदी वोट पड़े थे।किस क्षेत्र में कितना मतदान हुआ? पिछली बार किस इलाके में कितना वोट पड़ा था? आइये जानते हैं ...
किस क्षेत्र में कितना मतदान?
मध्य प्रदेश के सभी क्षेत्रों में विंध्य और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रों में 70 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ है। शाम पांच बजे तक आंकड़ों के मुताबिक ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सबसे कम 67.21 फीसदी मतदान हुआ। विंध्य क्षेत्र में 68.44 फीसदी मतदान हुआ है। इसके बाद बुंदेलखंड क्षेत्र में 70.33% लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वहीं, भोपाल-नर्मदापुरम क्षेत्र में कुल 71.68 फीसदी लोगों ने वोट डाला। शाम पांच बजे तक के आंकड़े के मुताबिक महाकौशल वोट डालने के मामले में सबसे आगे रहा है। यहां 75.44 फीसदी लोगों ने वोट डाला है। वहीं, मालवा-निमाड़ के 73.15 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।
2018 के जैसा है इस बार भी मतदान का ट्रेंड
कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ महाकौशल के छिंदवाड़ा जिले से आते हैं। इस क्षेत्र में इस बार सबसे ज्यादा मतदान हुआ है। 2018 में भी इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा वोटिंग हुई थी। उस चुनाव में 79.09% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। वहीं, मालवा निमाड़ इस बार की तरह 2018 में भी मतदान के मामले दूसरे नंबर पर रहा था। इसी तरह भोपाल-नर्मदापुरम इलाका इस मामले में पिछली बार भी तीसरे नंबर पर रहा था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का जिला सीहोर इसी इलाके में आता है।
मध्य प्रदेश के सभी क्षेत्रों में विंध्य और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रों में 70 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ है। शाम पांच बजे तक आंकड़ों के मुताबिक ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सबसे कम 67.21 फीसदी मतदान हुआ। विंध्य क्षेत्र में 68.44 फीसदी मतदान हुआ है। इसके बाद बुंदेलखंड क्षेत्र में 70.33% लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वहीं, भोपाल-नर्मदापुरम क्षेत्र में कुल 71.68 फीसदी लोगों ने वोट डाला। शाम पांच बजे तक के आंकड़े के मुताबिक महाकौशल वोट डालने के मामले में सबसे आगे रहा है। यहां 75.44 फीसदी लोगों ने वोट डाला है। वहीं, मालवा-निमाड़ के 73.15 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।
| क्षेत्र | वोट प्रतिशत |
| ग्वालियर-चंबल | 67.21% |
| भोपाल-नर्मदापुरम | 71.68% |
| मालवा-निमाड़ | 73.15% |
| महाकौशल | 75.44% |
| बुंदेलखंड | 70.33% |
| विंध्य | 68.44% |
2018 के जैसा है इस बार भी मतदान का ट्रेंड
कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ महाकौशल के छिंदवाड़ा जिले से आते हैं। इस क्षेत्र में इस बार सबसे ज्यादा मतदान हुआ है। 2018 में भी इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा वोटिंग हुई थी। उस चुनाव में 79.09% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। वहीं, मालवा निमाड़ इस बार की तरह 2018 में भी मतदान के मामले दूसरे नंबर पर रहा था। इसी तरह भोपाल-नर्मदापुरम इलाका इस मामले में पिछली बार भी तीसरे नंबर पर रहा था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का जिला सीहोर इसी इलाके में आता है।
2108 में क्षेत्रवार कहां-कैसा था मतदान?
क्षेत्रों के हिसाब से मतदान पर नजर डालें तो पिछली बार 38 विधानसभा सीटों वाले महाकौशल इलाके में सबसे ज्यादा 79.09% वोटिंग हुई थी। यहां कुल 74,55,116 मतदाताओं में से 52,30,938 ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।
ज्यादा मतदान के मामले में 77.79% वोटिंग के साथ 66 सीटों वाला मालवा-निमाड़ दूसरे स्थान पर रहा था। यहां 1,48,87,765 मतदाताओं में से 1,15,81,364 वोट देने मतदान केंद्रों तक पहुंचे थे। तीसरे स्थान पर रहे भोपाल-नर्मदापुरम इलाके में 77.28% लोगों ने वोट डाला था।
36 विधानसभा क्षेत्रों वाले इलाके में 79,90,307 मतदाताओं में से 61,74,945 ने अपना वोट डाला था।
चौथे नंबर पर 26 सीटों वाला बुंदेलखंड क्षेत्र था। यहां के 54,43,758 मतदाताओं में से 39,67,596 यानी 72.88% लोगों ने पिछले चुनाव में वोट किया था।
पांचवें पायदान पर 30 सीटों वाला विंध्य इलाका था, जहां 64,10,556 वोटरों में से 46,17,157 यानी 72.02% ने मतदान में भाग लिया था।
वहीं सबसे कम ग्वालियर-चंबल में मतदान हुआ था। 34 विधायक भेजने वाले क्षेत्र में 74,55,116 मतदाताओं में से 52,30,938 ने वोट डाले थे, जिससे मतदान 70.17% रहा।
क्षेत्रों के हिसाब से मतदान पर नजर डालें तो पिछली बार 38 विधानसभा सीटों वाले महाकौशल इलाके में सबसे ज्यादा 79.09% वोटिंग हुई थी। यहां कुल 74,55,116 मतदाताओं में से 52,30,938 ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।
ज्यादा मतदान के मामले में 77.79% वोटिंग के साथ 66 सीटों वाला मालवा-निमाड़ दूसरे स्थान पर रहा था। यहां 1,48,87,765 मतदाताओं में से 1,15,81,364 वोट देने मतदान केंद्रों तक पहुंचे थे। तीसरे स्थान पर रहे भोपाल-नर्मदापुरम इलाके में 77.28% लोगों ने वोट डाला था।
36 विधानसभा क्षेत्रों वाले इलाके में 79,90,307 मतदाताओं में से 61,74,945 ने अपना वोट डाला था।
चौथे नंबर पर 26 सीटों वाला बुंदेलखंड क्षेत्र था। यहां के 54,43,758 मतदाताओं में से 39,67,596 यानी 72.88% लोगों ने पिछले चुनाव में वोट किया था।
पांचवें पायदान पर 30 सीटों वाला विंध्य इलाका था, जहां 64,10,556 वोटरों में से 46,17,157 यानी 72.02% ने मतदान में भाग लिया था।
वहीं सबसे कम ग्वालियर-चंबल में मतदान हुआ था। 34 विधायक भेजने वाले क्षेत्र में 74,55,116 मतदाताओं में से 52,30,938 ने वोट डाले थे, जिससे मतदान 70.17% रहा।