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टेरर फंडिंग में J&K बैंक के खातों की भी चल रही जांच
गुंजन कुमार/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 02 Jul 2017 05:20 AM IST
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कश्मीर में उपद्रव और हिंसा फैलाने के लिए पाकिस्तान समेत कई स्त्रोतों से की जा रही फंडिंग की जांच में जम्मू-कश्मीर बैंक के कुछ खातों की भी गहन पड़ताल की जा रही है। नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की टेरर फंडिंग के जड़ तक पहुंचने की चल रही कवायद में यह बात सामने आयी है।
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फिलहाल जिन खातों की जांच की जा रही है उनमें त्राल के एक नंबरदार और कुपवाड़ा के एक व्यापारी का खाता शामिल है।
एनआईए का मानना है कि इन खातों में आए पैसों का इस्तेमाल घाटी में हिंसा फैलाने के लिए हुआ है। इसी तरह कई ऐसे खाते हैं जिनकी गहन जांच की जाएगी। एजेंसी ने शक के आधार पर 4 अगस्त 2016 को इस बावत प्रार्थमिकी (पीई संख्या- 01/2016/ एनआईए/ डीएलआई) दर्ज की थी।
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एनआईए के उच्चपदस्थ सूत्र ने अमर उजाला को बताया कि पीई के आधार पर की गई जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आयीं। अब इस पीई को अलगावादियों की खिलाफ चल रही ताजा जांच में ही शामिल कर लिया गया है। इसके तहत हवाला और नियंत्रण रेखा (एलओसी) से व्यापार के जरिए टेरर फंडिंग की जांच चल रही है।
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एनआईए इस सिलसिले में अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के दामाद समेत कम से कम पांच अलगाववादियों से लगातार पूछताछ कर रही है।
गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय ने भी गिलानी के विदेशी नकद रखने के लिए मामले में नोटिस जारी किया है।
एनआईए सूत्रों के मुताबिक एलओसी से दो जगहों से 2008 से बार्टर प्रणाली से चल रहे व्यापार की आर में भी टेरर फंडिंग का खेल चल रहा है। इस प्रणाली से होने वाले व्यापार के लिए सीमा को दोनों ओर 300 व्यवयायी पंजीकृत हैं।
एनआईए ने पिछले आठ महीने में इन व्यापारियों की खाता-वही की पड़ताल की है। इसमें भी गंभीर अनियमितताएं सामने आयी हैं। सूत्रों के मुताबिक इन व्यवयायियों में से कम से कम पांच हिजबुल मुजाहिद्दीन से जुड़े हैं। एनआईए के मुताबिक एलओसी ट्रेड के जरिए करोड़ो रुपए घाटी में पहुचे हैं।