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जयललिता के इलाज में स्वास्थ्य सचिव और अपोलो अस्पताल ने रची साजिश

Sun, 30 Dec 2018 10:26 PM IST
vivek shukla एजेंसी, चेन्नई
एजेंसी, चेन्नई Published by: vivek shukla Updated Sun, 30 Dec 2018 10:26 PM IST
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Health secretary and Apollo hospital plots conspiracy to treat Jayalalithaa
jayalalithaa
तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मामले की जांच कर रहे पैनल के वकील ने राज्य के स्वास्थ्य सचिव जे. राधाकृष्णन पर अपोलो अस्पताल के साथ मिलकर पूर्व सीएम के इलाज में कोताही बरतने और साजिश रचने का आरोप लगाया है।
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समिति के वकील मोहम्मद जफरउल्लाह खान ने जस्टिस ए. अरुमुगास्वामी आयोग के समक्ष याचिका दायर कर राधाकृष्णन और राव को नोटिस भेजने तथा प्रतिवादी बनाने की मांग की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि स्वास्थ्य सचिव ने पैनल के सामने विरोधाभासी बयान दिए और अधिकारी जयललिता को इलाज के लिए विदेश भेजने के खिलाफ थे।
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याचिका में दावा किया गया है कि स्वास्थ्य सचिव की ओर से दिए सुबूत न केवल विरोधाभासी हैं, बल्कि ये उनके और अस्पताल की मिलीभगत की ओर भी इशारा करते हैं। राधाकृष्णन को जयललिता की बीमारी और इलाज की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने किसी कैबिनेट मंत्री को रिपोर्ट नहीं भेजी। वह अस्पताल के प्रवक्ता की तरह बात कर रहे थे। 5 दिसंबर, 2016 को जयललिता की मौत हो गई थी। इसके एक साल बाद एआईडीएमके सरकार ने उनकी मौत की जांच के लिए पैनल का गठन किया था। 
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तत्कालीन मुख्य सचिव ने पेश किए झूठे सबूत 
खान ने याचिका में तत्कालीन मुख्य सचिव पी. रामा मोहन राव पर भी जयललिता के अस्पताल में भर्ती होने के दौरान जानबूझकर झूठे सुबूत पेश करने का आरोप लगाया। राव ने अपने बयान में कहा है कि उन्होंने सरकार को जयललिता के इलाज की जानकारी दे दी थी, जबकि मौजूदा मुख्य सचिव का कहना है कि उनकी ओर से ऐसा कोई पत्र नहीं मिला। 

अस्पताल ने किया खंडन 
अपोलो अस्पताल के प्रबंधन ने भी आरोपों का खंडन किया है। अस्पताल ने कहा, यह आश्चर्य की बात है कि आयोग खुद इस याचिका को अन्य पक्षों के खिलाफ दायर कर रहा है। याचिका में जयललिता को तीन वरिष्ठ डॉक्टरों द्वारा एंजियोग्राम की सलाह देने की बात कही गई है, जबकि यह गलत है। सिर्फ एक बाहरी डॉक्टर ने कुछ मिनटों के लिए 25 नवंबर, 2016 को दिवंगत सीएम का इलाज किया था और तुरंत एंजियोग्राम देने की सलाह दी थी।  


‘अपोलो अस्पताल के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप न केवल झूठा है, बल्कि निंदनीय है। इससे मुझे मानसिक पीड़ा पहुंची है। मैंने बस अपने कर्तव्य का निर्वहन सर्वश्रेष्ठ निष्ठा से किया। मैं 4 जनवरी को सभी सवालों के जवाब दूंगा।’- जे. राधाकृष्णन, स्वास्थ्य सचिव
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