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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस: जिला बाल कल्याण समिति के फरार अध्यक्ष ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण
Thu, 20 Dec 2018 04:45 PM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Thu, 20 Dec 2018 04:45 PM IST
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Muzaffarpur Shelter home case
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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस मामले में जिला बाल कल्याण समिति (डीसीडब्ल्यूसी) के फरार अध्यक्ष दिलीप वर्मा ने मुजफ्फरपुर कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।
बता दें कि मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में सभी 21 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल कर दी है। ब्रजेश ठाकुर मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में रहने वाली 34 बच्चियों से दुष्कर्म के मामले में मुख्य आरोपी है।
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इससे पहले पुलिस ने ब्रजेश ठाकुर समेत 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। सीबीआई 28 जुलाई से बालिका गृह यौन उत्पीड़न कांड की जांच कर रही है। जेल में बंद तीन अभियुक्तों की 90 दिनों की समय-सीमा बृहस्पतिवार को पूरी हो रही थी।
विशेष पॉक्सो कोर्ट में सीबीआई द्वारा दाखिल किए गए चार्जशीट को गोपनीय रखा गया है। वहीं इस केस के मुख्य अभियुक्त ब्रजेश ठाकुर की पत्नी व बेटे को ईडी ने समन जारी किया है। पिछले महीने इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। इस दौरान कोर्ट ने नीतीश सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि पूरे मामले में राज्य का रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, अमानवीय और लापरवाही भरा है।
सुप्रीम कोर्ट ने अदालत में मौजूद मुख्य सचिव से पूछा था कि अगर अपराध हुआ था तो आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 377 और पॉक्सो एक्ट के तहत अभी तक मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया। इसके बाद सरकार ने इस मामले में सक्रियता दिखाई।
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Muzaffarpur shelter home case: Dilip Verma, absconding chairman of the District Child Welfare Committee (DCWC) has surrendered before Muzaffarpur Court. #Bihar
— ANI (@ANI) December 20, 2018विज्ञापन
बता दें कि मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में सभी 21 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल कर दी है। ब्रजेश ठाकुर मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में रहने वाली 34 बच्चियों से दुष्कर्म के मामले में मुख्य आरोपी है।
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इससे पहले पुलिस ने ब्रजेश ठाकुर समेत 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। सीबीआई 28 जुलाई से बालिका गृह यौन उत्पीड़न कांड की जांच कर रही है। जेल में बंद तीन अभियुक्तों की 90 दिनों की समय-सीमा बृहस्पतिवार को पूरी हो रही थी।
विशेष पॉक्सो कोर्ट में सीबीआई द्वारा दाखिल किए गए चार्जशीट को गोपनीय रखा गया है। वहीं इस केस के मुख्य अभियुक्त ब्रजेश ठाकुर की पत्नी व बेटे को ईडी ने समन जारी किया है। पिछले महीने इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। इस दौरान कोर्ट ने नीतीश सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि पूरे मामले में राज्य का रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, अमानवीय और लापरवाही भरा है।
सुप्रीम कोर्ट ने अदालत में मौजूद मुख्य सचिव से पूछा था कि अगर अपराध हुआ था तो आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 377 और पॉक्सो एक्ट के तहत अभी तक मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया। इसके बाद सरकार ने इस मामले में सक्रियता दिखाई।