मां के शव को 9 महीने रखा घर में, बेटों ने देह संस्कार न करने की बताई ये वजह
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पश्चिम बंगाल की नदिया जिले के सिमहत इलाके से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। यहां एक घर से कंकाल मिला है, जिसे दो भाई नौ महीने से घर में ही रखे हुए थे। पुलिस के मुताबिक यह शव उनकी मां (85) का है, जिसका देहांत 16 जनवरी को हो गया था।
डेक्कन क्रोनिकल के अनुसार दोनों भाईयों का नाम अरुण साहा (65) और अजीत साहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह दोनों ने मां के अंतिम संस्कार न करने के पीछे अजीब तर्क दिया है।
ज्यादा शर्दी होने की वजह से नहीं किया देह संस्कार
पुलिस सूत्रों के अनुसार ज्यादा सर्दी होने की वजह से दोनों ने मां का अंतिम संस्कार नहीं किया। दोनों ने बताया कि सर्दी के बाद लाश में कीड़े पड़ गए थे, इसलिए उसे ऐसे ही छोड़ दिया गया। खबरों के अनुसार दोनों भाई, पड़ोसियों से भी बात नहीं करते थे और मां की तबीयत के बारे में पूछे जाने पर कहते थे कि वह बीमार है और सो रही हैं। दोनों घर में किसी को आने भी नहीं देते थे। हालांकि, घर बड़ा होने की वजह से किसी को किसी तरह का शक भी नहीं हुआ।
शक तब बढ़ा जब स्थानीय निवासी रूपक अधिकारी हरिनघाटा नगरपालिका के सर्वे के काम से उनके घर पहुंचा, लेकिन उसे अंदर आने नहीं दिया गया। इसके बाद अधिकारी छह लोगों के साथ मौके पर पहुंचा। जब उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया, तो बलपूर्वक वे घर में दाखिल हो गए और जो उन्होंने देखा वह बेहद चौंकाने वाला था। घर काफी गंदा था और अंधेरा भी थी। यही उनकी मां का कंकाल पड़ा हुआ था। पुलिस ने दोनों का गिरफ्तार कर लिया है और हत्या के शक में पूछताछ की जा रही है।
मानसिक तौर पर बीमार हैं दोनों भाई!
पुलिस का कहना है कि दोनों भाई मानसिक तौर पर बीमार हैं और शायद इसीलिए उन्होंने अंतिम संस्कार नहीं किया। दोनों भाई काम नहीं करते थे, लेकिन उनमें से छोटा भाई कुछ समय पहले बच्चों को ट्यूश्न पढ़ाने का काम करता था।
बताते चलें कि कोलकाता में यह पहला ऐसा मामला नहीं है। इससे पहले भी रिहायशी इलाके रॉबीसन स्ट्रीट में ऐसा ही मामला सामने आया था। यहां एक घर से पुलिस ने जिस शख्स को गिरफ्तार किया था, वह अपनी बहन और दो कुत्तों के कंकाल के साथ रहता था।