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राम रहीम के डेरे का सामने आया ऐसा सच, सर्च अभियान में भी पकड़ा न गया
amarujala.com, Presented By: विकास जांगड़ा
Updated Wed, 20 Sep 2017 04:39 PM IST
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गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां
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रेप केस में जेल में सजा काट रहे राम रहीम के डेरे का एक ऐसा सच सामने आया है, जोकि बीते दिनों सेना की ओर से चलाए सर्च अभियान में भी सामने नहीं आया।
डेरा सच्चा सौदा
एसआईटी से पूछताछ में मंगलवार को डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. पीआर नैन ने खुलासा किया कि डेरे की जमीन में 600 लोगों की अस्थियां दबी हैं। नैन ने इससे जुड़ा सारा रिकॉर्ड एसआईटी को सौंप दिया है। पीआर नैन मंगलवार शाम 5.40 बजे शहर थाने में आया था। एसआईटी इंचार्ज डीएसपी कुलदीप बेनीवाल ने उससे रात आठ बजे तक करीब ढाई घंटे में 50 सवाल किये।
Dera Sacha Sauda, Sirsa
एसआईटी ने उनसे पहला सवाल किया कि डेरे की जमीन में पेड़-पौधों के नीचे क्या नर कंकाल दबे हैं? इस पर नैन ने जवाब दिया कि डेरा अनुयायियों का ऐसा विश्वास है कि मौत के बाद अगर उनकी अस्थियां डेरे की जमीन में दबाई जाएंगी तो उन्हें मोक्ष मिलेगा। अनुयायियों की इच्छा के चलते डेरा प्रबंधन ने जर्मनी के एक वैज्ञानिक से इस बारे में सलाह ली तो उसने बताया कि हड्डियों में फास्फोरस की मात्रा अधिक होती है, जो जमीन की उपजाऊ शक्ति को कई गुणा बढ़ा देगी। जर्मन वैज्ञानिक के कहने पर डेरा प्रबंधन ने अनुयायियों की अस्थियों को डेरे की जमीन में दबाना शुरू किया।
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हनीप्रीत इंसा, आदित्य इंसा
एसआईटी ने डॉ. नैन से अगला सवाल पूछा कि लापता हनीप्रीत से क्या आपका कोई संपर्क है? नैन ने कहा कि डेरा चेयरपर्सन विपसना इंसा ने 25 अगस्त की रात रोहतक से हनीप्रीत को डेरे में बुलाया था। मुझे इतना ही पता है कि हनीप्रीत डेरा आई थी, लेकिन मेरा उसके साथ कोई संपर्क नहीं हुआ। डेरे से हनीप्रीत कहां चली गई मुझे नहीं मालूम।
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Dera Sacha Sauda spokesperson Aditya Insan
- फोटो : File Photo
इसके बाद पूछा कि डेरा प्रवक्ता आदित्या इंसा क्या डेरे में आया था? नैन ने जवाब दिया कि मुझे नहीं पता। नैन से सवाल किया गया कि 25 अगस्त की घटना के समय क्या आप डेरे में मौजूद थे और सिरसा में डेरा के वे कौन लोग थे जो लोगों को हिंसा के लिए भड़का रहे थे। नैन ने कहा कि वह 25 अगस्त को डेरे में मौजूद था लेकिन हिंसा भड़काने के बारे में कुछ भी नहीं पता। लखनऊ के निजी मेडिकल कॉलेज में डेरा सच्चा सौदा की ओर से भेजी गईं डेड बॉडी के सवाल पर नैन ने कहा कि डेरा प्रबंधन की ओर से कोई डेड बॉडी किसी मेडिकल कॉलेज को नहीं भेजी गई। डेरा के अनुयायियों ने खुद डेड बॉडी निजी मेडिकल कॉलेजों में भेजी थीं।