{"_id":"59a7912d4f1c1b1c278b4883","slug":"marital-rape-debate-marriage-does-not-allow-husband-to-rape-wife","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मैरिटल रेप पर हाईकोर्ट की टिप्पणीः शादी से नहीं मिल जाता पत्नी से यौन हिंसा का अधिकार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मैरिटल रेप पर हाईकोर्ट की टिप्पणीः शादी से नहीं मिल जाता पत्नी से यौन हिंसा का अधिकार
amarujala.com, Presented By: विकास जांगड़ा
Updated Thu, 31 Aug 2017 10:21 AM IST
विज्ञापन
वैवाहिक दुष्कर्म
- फोटो : सांकेतिक चित्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट ने पत्नी से जबरन दुष्कर्म को अपराध मानते हुए गंभीर टिप्पणी की है। वैवाहिक दुष्कर्म के मुद्दे पर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि शादी का मतलब यह नहीं है कि पति को हिंसा का अधिकार मिल जाता है। अदालत ने यौन हिंसा को मानवाधिकार का उल्लंघन बताया।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल व न्यायाधीश सी. हरिशंकर की पीठ ने सुनवाई करते हुए फिलीपींस के कानून का हवाला देते हुए कहा कि शादी किसी महिला पर उसके पति के हाथों हिंसा करने का अधिकार नहीं हो सकती।
एक एनजीओ फोरम टू एंगेज मेन (फेम) ने इस मामले में पक्षकार बनने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई 4 सितंबर को होगी।
विज्ञापन
एनजीओ के सदस्य डॉ. अभिजीत की याचिका में कहा गया है कि शादी महिला व पुरुष के बीच सहमति व सम्मानपूर्ण रिश्ता है। इसमें जबरन यौन संबंधों की कोई गुंजाइश नहीं है।
विज्ञापन
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल व न्यायाधीश सी. हरिशंकर की पीठ ने सुनवाई करते हुए फिलीपींस के कानून का हवाला देते हुए कहा कि शादी किसी महिला पर उसके पति के हाथों हिंसा करने का अधिकार नहीं हो सकती।
विज्ञापन
एक एनजीओ फोरम टू एंगेज मेन (फेम) ने इस मामले में पक्षकार बनने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई 4 सितंबर को होगी।
विज्ञापन
एनजीओ के सदस्य डॉ. अभिजीत की याचिका में कहा गया है कि शादी महिला व पुरुष के बीच सहमति व सम्मानपूर्ण रिश्ता है। इसमें जबरन यौन संबंधों की कोई गुंजाइश नहीं है।
सरकार बोली- मैरिटल रेप को अपराध मानने से शादी की प्रथा लड़खड़ा जाएगी
मुख्य याचिकाकर्ता रिट फाउंडेशन की ओर से दलील पेश करते हुए कोलिन गोनजाल्विस ने अमेरिका व नेपाल के कानूनों का हवाला दिया। इस पर पीठ ने कहा कि वह फिलीपींस के कानून का भी हवाला दे सकते हैं।
केंद्र सरकार ने इस मामले में मंगलवार को हलफनामा दायर कर कहा था कि वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध की श्रेणी में लाने से शादी की प्रथा लड़खड़ा जाएगी और इसका इस्तेमाल पति को परेशान करने के लिए भी किया जा सकता है। वैवाहिक दुष्कर्म को खत्म करने के लिए नैतिक व सामाजिक जागरूकता लाना जरूरी है।
केंद्र सरकार की स्थायी वकील मोनिका अरोड़ा ने कहा था कि यह सुनिश्चित किया जाए कि वैवाहिक दुष्कर्म से शादी की प्रथा धराशायी नहीं होगी और इसका इस्तेमाल महिलाओं द्वारा पतियों के खिलाफ एक आसान हथियार के तौर पर नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दहेज प्रताड़ना संबंधी कानून का दुरुपयोग किसी से छिपा नहीं है।
केंद्र सरकार ने इस मामले में मंगलवार को हलफनामा दायर कर कहा था कि वैवाहिक दुष्कर्म को अपराध की श्रेणी में लाने से शादी की प्रथा लड़खड़ा जाएगी और इसका इस्तेमाल पति को परेशान करने के लिए भी किया जा सकता है। वैवाहिक दुष्कर्म को खत्म करने के लिए नैतिक व सामाजिक जागरूकता लाना जरूरी है।
केंद्र सरकार की स्थायी वकील मोनिका अरोड़ा ने कहा था कि यह सुनिश्चित किया जाए कि वैवाहिक दुष्कर्म से शादी की प्रथा धराशायी नहीं होगी और इसका इस्तेमाल महिलाओं द्वारा पतियों के खिलाफ एक आसान हथियार के तौर पर नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दहेज प्रताड़ना संबंधी कानून का दुरुपयोग किसी से छिपा नहीं है।