'पत्नी धर्म' का पालन नहीं करने पर पति ने नाबालिग को भेजा कानूनी नोटिस
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देश में बाल विवाह को अपराध माना जाता है, लेकिन हैदराबाद से ऐसी घटना सामने आई जहां जबरन शादी के बावजूद आरोपी अपनी दबंगई कानूनी तौर पर साबित कर रहा है। नाबालिग से शादी करने वाले पति ने पीड़िता को पत्नी धर्म नहीं निभाने पर कानूनी नोटिस दिया है।
हालांकि, नोटिस देने वाले पति और वकिलों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। पुलिस के मुताबकि पीड़िता की ओर से शिकायत दर्ज नहीं होने के कारण वे इसके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सके हैं। पुलिस की ओर से मदद नहीं मिलने पर नाबालिग और उसके परिजनों ने बाल सुधार आयोग से मदद मांगी। आयोग की ओर से सख्त कदम उठाने की बात कही गई है।
पढ़ाई करने का वादा कर करवाई शादी
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक नाबालिग जब 10वीं क्लास में थी उस दौरान उसकी शादी 35 साल के चचेरे भाई से कर दी गई। लड़की को भावुक कर कहा गया कि उसकी चाची अपने आखिरी समय में बेटे की शादी देखना चाहती है। शादी के कुछ दिनों बाद ही उसका यौन शोषण किया जाने लगा।
दो महीने बाद लड़की अपने घर लौंटी तो माता-पिता उसे देखकर काफी खुश थे। लेकिन उसने जब अपनी आप बीती बताई तो परिजनों ने पंचायत का सहारा लेना चाहा। पंचायत ने जब पति को बुलाया तो वह वहां दो वकील लेकर पहुंचा और पीड़िता को ही दोषी ठहरा दिया।
सामाजिक संस्था की सदस्य अनुराधा ने बताया कि पीड़िता का परिवार शादी में किया गया खर्चा मांगने लगा तो आरोपी ने कहा कि उन्हें पैसे देने से अच्छा है वह केस लड़ते हुए वकीलों को पैसा दे। पीड़िता ने अपने माता पिता को कहा कि वह आगे पढ़ना चाहती है और जीवन में कुछ करना चाहती है। अब दबाव बढ़ने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है।