धुले हत्याकांड: मुख्य आरोपी भी गिरफ्तार, शवों को मौके पर जलाना चाहती थी भीड़
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महाराष्ट्र के धुले में भीड़ द्वारा पांच लोगों की हत्या मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इसकी पुष्टि धुले के पुलिस अधीक्षक एम रामकुमार ने की है। इस केस में अब तक कुल 24 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। धुले के एसपी ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि मुख्य आरोपी महारु पवार (22) को नंदुरबार जिले से गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि रविवार को हुई घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और नंदुरबार में छिपा हुआ था।
एसपी ने आगे बताया कि उनकी टीम पवार की तलाश शुरू से ही कर रही थी क्योंकि जो वीडियो क्लिप उन्हें मिली हैं उनमें साफ दिख रहा है कि कैसे पवार भीड़ का नेतृत्व कर रहा है। जिसमें भीड़ बेरहमी से उन पांचों व्यक्तियों की लाठी और डंडों से पिटाई कर रही है। उन्होंने बताया कि पवार को मिलाकर अब कुल 24 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। साथ ही पुलिस अभी कुछ और आरोपियों की तलाश भी कर रही है।
शवों को जलाना चाहती थी भीड़
एसपी ने मामले में एक हैरान करने वाली बात भी बताई है और वह है भीड़ द्वारा उन पांचों को मारने के बाद जिंदा जला देना। उन्होंने कहा कि भीड़ इतनी उग्र थी कि पांचों व्यक्तियों को मारने के बाद उन्हें मौके पर ही जिंदा जलाने वाली थी। बता दें राज्य सूची के मुताबिक मरने वाले पांचों व्यक्ति डवरी गोसावी समुदाय के थे। यह लोग काम की तलाश में महाराष्ट्र में एक स्थान से दूसरे स्थान यात्रा करते हैं।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम में से एक सहायक पुलिस निरीक्षक योगेश खटकल ने बताया कि जब वह वहां पहुंचे तो करीब 3 हजार लोगों की भीड़ मौजूद थी। वहीं उन पांचों की मौत हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि भीड़ इतनी उग्र थी कि वह उन पांचों शवों तक पुलिस को जाने से रोक रही थी। इस दौरान वह और अन्य चार पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।
कलेक्टर ने सरकार को सौंपी थी रिपोर्ट
इस मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से पहले जिले के कलेक्टर राहुल रेखावर ने राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में इस मामले को उन्होंने लोगों द्वारा किया एक सहज कार्य बताया। उन्होंने कहा कि लोगों ने ऐसा कुछ करने की योजना पहले से नहीं बनाई थी। मंगलवार को सौंपी अपनी रिपोर्ट में रेखावर ने कहा कि लोगों को हमला करने के लिए जिस वजह ने मजबूर किया कि वह बच्चा उठाने वाले हैं इस पर अभी भी संदेह है। पुलिस द्वारा इसकी जांच की जा रही है।
रिपोर्ट में कहा गया था कि लोगों द्वारा पांच व्यक्तियों को मारने की योजना पहले से नहीं थी, यह एक सहज कार्य था। हालांकि रिपोर्ट में किसी भी तरह के सोशल मीडिया मेसेज या फिर अफवाह का जिक्र नहीं किया गया है। इसमें कहा गया है कि पुलिस द्वारा इस बात की विस्तार से जांच की जा रही है कि ये घटना किसी व्हाट्सएप मेसेज से जुड़ी हुई थी या नहीं। रेखावर ने रिपोर्ट सौंपी जाने की बात की पुष्टि तो कर दी है लेकिन इसका विवरण देने से इनकार कर दिया है।
रेखावर ने कहा है कि जिला प्रबंधन ने महाराष्ट्र पुलिस के साइबर सेल को फेक सोशल मीडिया मेसेज की जांच करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा है कि जब उस व्यक्ति के बारे में पता चल जाएगा जिसने ये फेक पोस्ट भेजी है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बता दें इन लोगों की हत्या महाराष्ट्र के धुले जिले में हुई थी। यह जगह मुंबई से 350 किमी की दूरी पर है।
किसी गैंग ने बताया 'बच्चा चोर' आएंगे
मामले में जांच से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अफसर ने बताया कि जिन आरोपियों को पकड़ा गया है उन्होंने पूछताछ में बताया है कि उन्होंने जो भी किया वह ठीक किया है। उनका कहना है कि एक गैंग ने उन्हें बताया था कि राईनपाडा में कुछ लोग उनके बच्चों का अपहरण करने आएंगे और बाद में उनके अंगों को बेच देंगे।
वहीं पूछताछ में उन्होंने ये भी बताया उन्हें बीते कई महीनों से व्हाट्सएप पर बच्चा चोरों की कई वीडियो मिल रही हैं। जिसके बाद इन अफवाहों के बारे में इलाके के लोगों ने चर्चा की। अफसर ने आगे बताया कि उन्हें जांच के दौरान आरोपियों के फोन में कई वीडियो भी मिले हैं।
धुले के पुलिस अधीक्षक एम राजकुमार का कहना है कि 'हमारा ध्यान उन लोगों को गिरफ्तार करने पर है जिन्होंने उन लोगों पर हमला किया है। उनको गिरफ्तार नहीं किया जाएगा जो आसपास खड़े होकर देख रहे थे।' उन्होंने आगे बताया कि घटना के वक्त मौजूद लोगों द्वारा बनाए करीब 40 वीडियो क्लिप पुलिस को मिल चुके हैं। उनकी अभी जांच की जा रही है।