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Hindi News ›   Crime ›   Husband forces wife to have physical relation without her consent booked for marital rape

पति ने पत्नी को संबंध बनाने पर किया मजबूर, अदालत पहुंची महिला

Thu, 06 Dec 2018 12:59 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Updated Thu, 06 Dec 2018 12:59 PM IST
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Husband forces wife to have physical relation without her consent booked for marital rape
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

कोलकाता में एक शख्स की हाल ही में शादी हुई थी। उसके खिलाफ पत्नी ने वैवाहिक बलात्कार का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करवाया है। पत्नी का आरोप है कि पति ने बिना उसकी मर्जी के जबरन उसे संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। महिला ने अपने ससुरालवालों पर दहेज मांगने और यातनाएं देने की भी शिकायत दर्ज करवाई है। महिला सिंथी की रहने वाली है। वह मामला दर्ज करवाने के लिए अदालत पहुंची। उसका दावा है कि शारीरिक उत्पीड़न उसके गर्भवती होने के बाद भी जारी रहा। 

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कानूनी जानकारों का कहना है कि यह घरेलू हिंसा का पहला ऐसा मामला है जिसमें एक महिला ने अपने पति पर बलात्कार के आरोप लगाए हैं। पुलिस जांच में पाया गया है कि जब शादी तय हुई थी तो महिला के परिवार को बताया गया था कि शख्स निजी बैंक में एक वरिष्ठ अधिकारी है। मगर बांसबेरिया स्थित अपने ससुराल पहुंचने पर महिला को पता चला कि उसके साथ धोखा हुआ है और उसका पति एक छोटी कंपनी में कनिष्ठ कर्मचारी है। महिला का दावा है कि कुछ दिनों बाद उसने उस नौकरी पर भी जाना बंद कर दिया। 
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धोखा खाई हुई महिला ने पति को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया। जिसके बाद पति जबरन उसके साथ संबंध बनाता और उसके ससुरालवाले उसे यातनाएं देते। महिला का दावा है कि उसने अदालत का दरवाजा इसलिए खटखटाया है क्योंकि उसके पास कोई और चारा नहीं था। महिला के बयानों की जांच कर रहे एक अधिकारी ने कहा, 'हम इस मामले के सभी पहलुओं को देख रहे हैं और कानूनी सहायता ले रहे हैं। हम किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहते।'
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महिला अधिकार संगठन भारतीय दंड संहिता में संशोधन की मांग कर रही है ताकि वैवाहिक बलात्कार को कानून में शामिल किया जा सके। महिला संगठन स्वयं की संस्थापक-निदेशक अनुराधा कपूर ने कहा कि कानून में खामी की वजह से बहुत से वैवाहिक बलात्कार के मामले घरेलू हिंसा अधिनियम और दहेज निरोधक अधिनियम के तहत दर्ज कराए जाते हैं। मैत्रेयी संगठन की शाश्वती घोष ने संथि महिला के साहस की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा, 'लेकिन उस अपनी इस बहादुरी की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उसका परिवार शायद उसे स्वीकार न करे और उसे अपने बच्चे का पालन-पोषण सिंगल मदर के तौर पर करना पड़े।' 

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