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गुजरात में अपराधियों से ये क्या सीख रही है पुलिस?

Thu, 17 Mar 2016 07:25 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 17 Mar 2016 07:25 PM IST
सार

  • नए पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग देने के लिए किया जा रहा है खास इंतजाम
  • अपराधियों से पुलिस ले रही है सबक, कैसे देते हैं वारदातों को अंजाम
  • कुख्यात अपराधी अब दे रहे हैं गुजरात की क्राइम ब्रांच को ट्यूशन
  • क्या अपराधियों से सबक ले पाएगी पुलिस, लग पाएगी अपराधों पर लगाम?

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Gujarat Police learn crime lessons from crooks
अपराधियों से ही अपराधों के बारे में जानने की मुहिम - फोटो : gettyimages

विस्तार

गुजरात में 'लोहा लोहे को काटता है' कि तर्ज पर पुलिस महकमा अब अपराधियों से ही ट्यूशन ले रहा है। सूबे की क्राइम ब्रांच कुख्यात अपराधियों से वारदातों को अंजाम देने के दौरान अपनाई गई शातिराना करतूतों के बारे में सीख रही है। पुलिस जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर कैसे अपराधी चाक-चौबंद सुरक्षा में सेंध मार जाते हैं।

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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक पुलिस ने कुख्यात किलर विशाल गोस्वामी को चुना है। विशाल गोस्वामी जरायम की दुनिया का वो नाम है, जिसके ख्याल भर से सेठ, रसूखदार और सुनार आज भी खौफजदा हो जाते हैं। 
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गोस्वामी ने पुलिस को बताया कि कैसे कार में हथियारों को छिपाकर पुलिस की आंखों में धूल झोंकी जा सकती है। 

अपराधियों से ही अपराधों को अंजाम देने वाली तरकीबों को जानने की इस मुहिम का आगाज गुजरात की क्राइम ब्राइंच ने किया है। पुलिस का मानना है कि खाकी की सुरक्षा को मात देने वाले अपराधी ही पुलिस को सही सीख दे सकते हैं। अपराधियों से मिले गुरों को अमल में लाकर अपराध के बढ़ते ग्राफ पर लगाम लगाई जा सकेगी।

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अपराधियों से सीखने की मुहिम रंग लाएगी?

Gujarat Police learn crime lessons from crooks
अपराधी बता रहे हैं कि कैसे चाक-चौबंद सुरक्षा को फेल किया जाता है - फोटो : gettyimages

पुलिस विशाल गोस्वामी समेत कई अन्य से भी उन तरकीबों के बारे में सीख रही है जो कभी चोरी, लूट तो कभी हत्या को अंजाम देने में इस्तेमाल होती हैं और अपराधी पुलिस की नाक के नीचे से फरार हो जाते हैं।

अपराधियों से तमाम जानकारियां जुटाने की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जा रही है जिससे कि नए लोगों को ट्रेनिंग दी जा सके।

पुलिस ये भी सीख रही है कि कैसे सलाखों पीछे रहते हुए भी अपराधी जेल के अंदर मोबाइल फोन मंगाने में कामयाब हो जाते हैं और कैसे जेल के अंदर से ही बाहर की दुनिया में अपहरण और फिरौती को अंजाम देते हैं। 

पुलिस उन तमाम पहलुओं पर अपराधियों से सबक लेने की कोशिश कर रही हैं जिन पर उसे नाकामी का सामना करना पड़ जाता है। पुलिस की ये मुहिम रंग लाती है, ये देखना वाकई दिलचस्प होगा।

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