HC का आदेश, रेप पीड़िता को 26 सप्ताह का गर्भ गिराने की अनुमति नहीं
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गुजरात की एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के 26 सप्ताह के गर्भ पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि पीड़िता अपने गर्भ को नहीं गिरा सकेगी। बताया जा रहा है कि बच्चे में जीव आ चुका है और अब गर्भपात कराना खतरे से खाली नहीं होगा।
सूत्रों के अनुसार सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट सौंपी है जिसमें बताया गया है कि अगर अब गर्भपात कराया गया तो इससे नाबालिग की जान को खतरा बन सकता है। हालांकि, कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई तक फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि बच्चे को जन्म देने के बाद उसको अनाथालय भेजने, खान-पान, और पीड़िता को कानूनी प्रावधान के मुताबिक मुआवजा दिया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल 14 साल की पीड़िता के साथ उसके पिता के दोस्त ने दुष्कर्म किया था, जो उसके पड़ोस में ही रहता था। इसके बाद उसके गर्भपात में देरी हो गई और पीड़िता की ओर से कोर्ट में मांग की गई कि इससे उसके भविष्य पर बुरा असर पड़ेगा।
बताते चलें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 20 सप्ताह से गर्भवती नाबालिग को गर्भपात करने की इजाजत दे दी थी।