क्राइम सीरियल देखकर ढूंढा बचने का तरीका, फिर रेप के बाद की बच्ची की हत्या
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इन टीवी सीरियलों के जरिए उसने सीखा था कि अपराध को अंजाम देकर कैसे आसानी से बचा जा सकता है। अपराध में उसपर कोई शक न करे और किसी प्रकार का सबूत भी पुलिस को हाथ न लगे लिए भी उसने दृश्यम जैसी फिल्मों से सीखा।
लेकिन बुधवार को करीब डेढ़ महीने की मशक्कत के बाद फोरेंसिक सांइस की मदद से उस युवक को पकड़ा लिया गया। आरोपी युवक ने पूछताछ में खुलासा किया है कि कैसे अपराध करने के बचने का तरीका सीखा।
डीएन टेस्ट नहीं होता बच निकलता आरोपी
गिरफ्तार युवक का नाम संनी सरोज बताया जा रहा है टाइम्स ऑफ इडिया की खबर के अनुसार, कक्षा एक में पढ़ने वाली 7 वर्षीय बच्ची अपने माता-पिता से दूर मुंबई में अपने दादा-दादी के साथ रहती थी।
यह घटना तब हुई जब बच्ची अपने घर के पास बाने एक पार्क में खेलने के लिए गई थी। पर देर शाम तक उसके वापस घर न लोटने पर दादा-दादी ने बच्ची को खोजना शुरू किया बच्ची न मिलने पर उन्होंने उसके लापता होने की शिकायत पुलिस से की शुरूआत में पुलिस भी इसे गुमशुदगी का ही मामला मानकर छानबीन कर रही थी।
लेकिन इस मामले में जैसे-जैसे पुलिस तहकीकात करती गई वैसे-वैसे इस मामले की गंभीरता उजारग होती चली गई। पुलिस ने बताय की हमने इस केस को सोल्व करने के लिए बच्ची के आस पास रहने वाले लोगों और सभी पड़ोसीयों से अपने-अपने ब्लड सेंपल देने को कहा हमें प्राप्त हुए सेंपलों में से हमने केवल संधिग्धों के सेंपल को बच्ची के घटना स्थल से प्राप्त सेंपलो से मिलाया तो वह मैच हो गए।
इसके हमने अपने शक को पुख्ता करने के लिए पलिस ने दोबार संनी के ब्लड सेंपल, कपड़े और अन्य वस्तुए फोरेंसिक जांच के लिए भेजें और इस मामले में प्राप्त सबूतो की पूरी पुष्ठी होने के बाद ही हमने सनी को गिरफतार किया है।
गिरफ्तार संनी ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है उसने पुलिस को बताया कि इरादतन यह हत्या नहीं की है। संनी ने कहा की बलात्कार के बाद वह जी नही पाती इसलिए उसे मार दिया।