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अब रुहेलखंड विश्वविद्यालय में LLM की छात्रा को अकेले में दबोचा, गंदी हरकत
amarujala.com- presented by: राजेश सैनी
Updated Tue, 10 Oct 2017 03:03 PM IST
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बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में छात्रा से छेड़छाड़ और उसके बाद हुए बवाल के बाद भी प्रदेश सरकार विश्वविद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर संजीदा नहीं हुई। उसी का नतीजा है कि वैसी ही घटना बरेली के एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में भी हो गई।
विश्वविद्यालय में एलएलएम फाइनल की एक छात्रा को केंद्रीय पुस्तकालय में उसके क्लासमेट ने अकेला पाकर दबोच लिया और उससे अश्लील हरकतें कीं। छात्रा ने शोर मचाकर बड़ी मुश्किल से अपनी आबरू बचाई। छात्रा की शिकायत पर कुलपति ने तत्काल प्रभाव से छात्र को कक्षा और हॉस्टल से सस्पेंड कर दिया। कैंपस में उसका प्रवेश रोक दिया गया है।
घटना दीक्षांत समारोह से एक दिन पहले यानी पांच अक्तूबर की है। एलएलएम फाइनल की एक छात्रा अपराह्न ढाई बजे असाइनमेंट का कार्य पूरा करने के लिए केंद्रीय पुस्तकालय गई थी। वह रीडिंग रूम में बैठकर कार्य पूरा कर रही थी। उस वक्त उसका एक क्लासमेट भी वहां था।
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विश्वविद्यालय में एलएलएम फाइनल की एक छात्रा को केंद्रीय पुस्तकालय में उसके क्लासमेट ने अकेला पाकर दबोच लिया और उससे अश्लील हरकतें कीं। छात्रा ने शोर मचाकर बड़ी मुश्किल से अपनी आबरू बचाई। छात्रा की शिकायत पर कुलपति ने तत्काल प्रभाव से छात्र को कक्षा और हॉस्टल से सस्पेंड कर दिया। कैंपस में उसका प्रवेश रोक दिया गया है।
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घटना दीक्षांत समारोह से एक दिन पहले यानी पांच अक्तूबर की है। एलएलएम फाइनल की एक छात्रा अपराह्न ढाई बजे असाइनमेंट का कार्य पूरा करने के लिए केंद्रीय पुस्तकालय गई थी। वह रीडिंग रूम में बैठकर कार्य पूरा कर रही थी। उस वक्त उसका एक क्लासमेट भी वहां था।
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पौने तीन बजे के करीब रीडिंग रूम में बाकी छात्र चले गए। छात्रा को अकेला पाकर क्लासमेट ने पीछे से जाकर उसे दबोच लिया। छात्रा ने खुद को छुड़ाने की कोशिश की तो छात्र उसे कोने में खींचकर ले जाने लगा। इस पर छात्रा चीखने चिल्लाने लगी। बड़ी मुश्किल से छात्रा ने उसके चंगुल से खुद को बचाया।
हादसे के बाद छात्रा दहशत में आ गई और तीन दिन तक हॉस्टल से बाहर नहीं निकली। सोमवार को छात्रा ने मामले की शिकायत कुलपति से की। कुलपति ने तत्काल प्रभाव से छात्र को कक्षा और हॉस्टल से निलंबित करने के साथ ही उसका कमरा सील करके कैंपस में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है।
कुलपति प्रो. अनिल कुमार शुक्ला ने कहा छात्रा की शिकायत पर तत्काल प्रभाव से छात्र को कक्षा और हास्टल से निलंबित कर दिया गया है। कैंपस में प्रवेश रोक दिया गया। मामले की जांच महिला शिकायत सेल को सौंप दी गई है। ऐसी घटनाओं को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चीफ प्रॉक्टर प्रो. बीआर कुकरेती बोले मामला बेहद गंभीर है। प्रॉक्टोरियल बोर्ड का मूवमेंट बढ़ाया जाएगा। ऐसी घटना में छात्र को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
हादसे के बाद छात्रा दहशत में आ गई और तीन दिन तक हॉस्टल से बाहर नहीं निकली। सोमवार को छात्रा ने मामले की शिकायत कुलपति से की। कुलपति ने तत्काल प्रभाव से छात्र को कक्षा और हॉस्टल से निलंबित करने के साथ ही उसका कमरा सील करके कैंपस में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है।
कुलपति प्रो. अनिल कुमार शुक्ला ने कहा छात्रा की शिकायत पर तत्काल प्रभाव से छात्र को कक्षा और हास्टल से निलंबित कर दिया गया है। कैंपस में प्रवेश रोक दिया गया। मामले की जांच महिला शिकायत सेल को सौंप दी गई है। ऐसी घटनाओं को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चीफ प्रॉक्टर प्रो. बीआर कुकरेती बोले मामला बेहद गंभीर है। प्रॉक्टोरियल बोर्ड का मूवमेंट बढ़ाया जाएगा। ऐसी घटना में छात्र को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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दीक्षांत से पहले दबाया गया मामला
दीक्षांत समारोह से पहले हुई घटना को जानबूझकर दबाया गया ताकि राज्यपाल के सामने घटना न आ सके। राज्यपाल राम नाईक भी जब दीक्षांत समारोह में आए थे तो एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में बीएचयू जैसी घटनाएं नहीं हुईं। विश्वविद्यालय की यह घटना उनके जवाब पर बड़़ा प्रश्नचिह्न लगा रही है। विवि का पूरा अमला घटना को दबाने में लगा रहा। इसी के चलते छात्रा की शिकायत पर अब कार्रवाई की गई है जबकि मामला पहले ही संज्ञान में आ गया था।
आरोपी छात्र पहले भी कर चुका है छेड़छाड़
विभाग के शिक्षकों के मुताबिक आरोपी छात्र तीन अन्य छात्राओं के साथ भी छेड़छाड़ कर चुका है। हालांकि उन्होंने लिखित में शिकायत नहीं की इसलिए कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। अब शिकायत हुई है जिस पर एक्शन लिया गया। छात्र के बारे में बताया जाता है कि अक्सर ऐसी हरकतें करता है।
दीक्षांत समारोह से पहले हुई घटना को जानबूझकर दबाया गया ताकि राज्यपाल के सामने घटना न आ सके। राज्यपाल राम नाईक भी जब दीक्षांत समारोह में आए थे तो एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में बीएचयू जैसी घटनाएं नहीं हुईं। विश्वविद्यालय की यह घटना उनके जवाब पर बड़़ा प्रश्नचिह्न लगा रही है। विवि का पूरा अमला घटना को दबाने में लगा रहा। इसी के चलते छात्रा की शिकायत पर अब कार्रवाई की गई है जबकि मामला पहले ही संज्ञान में आ गया था।
आरोपी छात्र पहले भी कर चुका है छेड़छाड़
विभाग के शिक्षकों के मुताबिक आरोपी छात्र तीन अन्य छात्राओं के साथ भी छेड़छाड़ कर चुका है। हालांकि उन्होंने लिखित में शिकायत नहीं की इसलिए कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। अब शिकायत हुई है जिस पर एक्शन लिया गया। छात्र के बारे में बताया जाता है कि अक्सर ऐसी हरकतें करता है।
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छात्रा से कहे जातिसूचक शब्द
आरोपी छात्र एक छात्र संगठन का पदाधिकारी बताया जाता है। इसलिए उससे कोई मुंह नहीं लगाता। केंद्रीय पुस्तकालय में जब छात्रा ने विरोध किया तो आरोपी छात्र ने उसको गालियां दीं और जातिसूचक शब्द कहे। छात्रा एससी वर्ग की है। जाते वक्त छात्रा को धमकाया और कहा कि अगर शिकायत की तो अंजाम अच्छा नहीं होगा। छात्रा दहशत में आ गई और तीन दिन तक हॉस्टल से बाहर नहीं निकली।
विवि की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
पांच अक्तूबर को दीक्षांत की तैयारियां चल रही थीं। राज्यपाल आने वाले थे तो सुरक्षा के इंतजाम भी हो रहे थे। इस दौरान छेड़छाड़ की घटना होना विवि की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। विवि प्रशासन ने ढाई करोड़ रुपये दीक्षांत पर उड़ा दिए, पर सुरक्षा को लेकर कोई कदम नहीं उठाए। विवि प्रशासन के अलावा अभी तक कैंपस में सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लग पाए। अगर सीसीटीवी होते तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती।
आरोपी छात्र एक छात्र संगठन का पदाधिकारी बताया जाता है। इसलिए उससे कोई मुंह नहीं लगाता। केंद्रीय पुस्तकालय में जब छात्रा ने विरोध किया तो आरोपी छात्र ने उसको गालियां दीं और जातिसूचक शब्द कहे। छात्रा एससी वर्ग की है। जाते वक्त छात्रा को धमकाया और कहा कि अगर शिकायत की तो अंजाम अच्छा नहीं होगा। छात्रा दहशत में आ गई और तीन दिन तक हॉस्टल से बाहर नहीं निकली।
विवि की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
पांच अक्तूबर को दीक्षांत की तैयारियां चल रही थीं। राज्यपाल आने वाले थे तो सुरक्षा के इंतजाम भी हो रहे थे। इस दौरान छेड़छाड़ की घटना होना विवि की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। विवि प्रशासन ने ढाई करोड़ रुपये दीक्षांत पर उड़ा दिए, पर सुरक्षा को लेकर कोई कदम नहीं उठाए। विवि प्रशासन के अलावा अभी तक कैंपस में सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लग पाए। अगर सीसीटीवी होते तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती।